कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को कोलकाता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज तीन एफआईआर के मामलों में फिलहाल किसी भी तरह की जबरन या सख्त कार्रवाई पर रोक लगा दी है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा स्थिति में अभिषेक बनर्जी से हिरासत में पूछताछ करने की जरूरत नहीं है। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल बेंच ने आदेश दिया कि अभिषेक बनर्जी को 30 नवंबर या अदालत के अगले आदेश तक गिरफ्तारी जैसी सख्त कार्रवाई से सुरक्षा दी जाए। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
पूछताछ के लिए बुलाना हो तो 48 घंटे पहले नोटिस
हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि जांच के सिलसिले में अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए बुलाया जाता है तो उन्हें कम से कम 48 घंटे पहले नोटिस देना होगा। कोर्ट ने साफ किया कि फिलहाल दी गई सुरक्षा केवल उन तीन एफआईआर तक सीमित रहेगी, जिनका उल्लेख याचिका में किया गया है। अदालत ने यह भी कहा कि अभिषेक बनर्जी को जांच में सहयोग करना होगा और पुलिस के बुलाने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत पेश होना होगा।
सभी FIR की कॉपी उपलब्ध कराने का आदेश
सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी की ओर से अदालत को बताया गया कि उनके खिलाफ दर्ज कई एफआईआर की जानकारी उन्हें नहीं थी। उन्होंने पुलिस से अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की थी। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर और शिकायतों की प्रतियां उन्हें उपलब्ध कराई जाएं। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी। उस दौरान पुलिस को जांच से संबंधित रिपोर्ट अदालत के सामने पेश करनी होगी।
विदेश जाकर आंखों का इलाज कराने की भी छूट
सुनवाई के दौरान अदालत ने अभिषेक बनर्जी के विदेश जाकर आंखों का इलाज कराने के मुद्दे पर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि यदि वह इलाज के लिए विदेश जाना चाहते हैं तो वे बिना किसी झिझक के जा सकते हैं।
सहयोगी सुमित रॉय के मामले में भी हुई सुनवाई
इससे पहले सोमवार को हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के सहयोगी सुमित रॉय की याचिका पर सुनवाई को 10 सितंबर तक टाल दिया था। उस मामले में भी कोर्ट ने राज्य पुलिस को उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। अदालत ने संबंधित बैंक को बंद खाते को तत्काल सक्रिय करने का निर्देश भी दिया था। अब अभिषेक बनर्जी को तीन एफआईआर में मिली अंतरिम सुरक्षा के बाद इस मामले की कानूनी लड़ाई आगे बढ़ेगी।