लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अगले छह महीनों में करीब 1 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देगी। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा मंगलवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान की।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के 3,446 प्राविधिक सहायकों और मंडी परिषद के 126 नवचयनित मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का दावा करते हुए पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा।
‘पैसे और सिफारिश से नहीं, योग्यता के आधार पर नौकरी’
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार में युवाओं को बिना किसी सिफारिश और लेनदेन के नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता नहीं थी और युवाओं के साथ उनके भविष्य को लेकर खिलवाड़ किया जाता था।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 के बाद उनकी सरकार अब तक 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है। उन्होंने कहा कि इन नियुक्तियों पर कोई सवाल नहीं उठा सकता और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया गया है।
सपा पर योगी का हमला- ‘चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकलती थी’
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले नौकरी का विज्ञापन जारी होते ही कथित तौर पर वसूली का खेल शुरू हो जाता था। उन्होंने कहा कि उस समय युवा परीक्षा और परिणाम के लिए भटकते रहते थे और कई मामलों में अदालत को हस्तक्षेप करना पड़ता था।
योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने नकल माफिया और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
‘अधियाचन के एक महीने में विज्ञापन, तीन महीने में परीक्षा-परिणाम’
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को लंबा खींचने के बजाय आयोगों और भर्ती बोर्डों को स्पष्ट समयसीमा के साथ काम करना होगा। उनके मुताबिक, अधियाचन मिलने के एक महीने के भीतर विज्ञापन जारी होना चाहिए, इसके बाद तीन महीने में परीक्षा और परिणाम की प्रक्रिया पूरी की जाए और छह महीने के भीतर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दे दिया जाए।
उन्होंने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले परीक्षा और परिणाम की प्रक्रिया में लंबा समय लगता था। अब व्यवस्था में बदलाव किया गया है और परीक्षा तथा परिणाम की प्रक्रिया को कम समय में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
यूपी के युवाओं को जापान में नौकरी का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विदेशी कंपनियों और देशों से मिल रहे निवेश और रोजगार के अवसरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जापान का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भारत आया और उसने उत्तर प्रदेश के युवाओं को जापान में रोजगार के अवसर देने में रुचि दिखाई है।
योगी ने कहा कि अब जर्मनी और इजरायल समेत कई देशों की नजर उत्तर प्रदेश पर है। उनके मुताबिक, यह बदलाव राज्य में बने बेहतर माहौल और रोजगार के नए अवसरों का संकेत है।
चीनी उत्पादन को लेकर भी CM योगी का बड़ा दावा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चीनी की उपलब्धता का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में फिलहाल करीब 28 लाख टन चीनी उपलब्ध है, जबकि राज्य की मासिक खपत लगभग 4 लाख टन है। उन्होंने दावा किया कि इससे प्रदेश के पास कई महीनों के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
योगी ने कहा कि 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन दोबारा शुरू होगा और आगामी सीजन में करीब 90 लाख टन चीनी उत्पादन का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी 25 करोड़ की आबादी के साथ-साथ देश की खाद्य जरूरतों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।