बीजिंग: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर बातचीत हुई। डोभाल भारत-चीन सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधि के तौर पर चीन के दौरे पर हैं। डोभाल सोमवार को दो दिवसीय यात्रा पर बीजिंग पहुंचे थे। उनका यह दौरा चीन के विदेश मंत्री और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो सदस्य वांग यी के निमंत्रण पर हो रहा है।
विशेष प्रतिनिधियों की बैठक का 25वां दौर
भारत और चीन के बीच सीमा संबंधी मुद्दों पर विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता का 25वां दौर मंगलवार को आयोजित किया जा रहा है। भारतीय पक्ष का नेतृत्व अजीत डोभाल, जबकि चीन की ओर से वांग यी कर रहे हैं। इस बैठक से पहले डोभाल ने चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की। दोनों के बीच सीमा क्षेत्रों में स्थिरता कायम रखने के अलावा भारत-चीन संबंधों के व्यापक पहलुओं पर भी चर्चा हुई।
आर्थिक और राजनीतिक सहयोग बढ़ाने पर जोर
बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के मुताबिक, बातचीत में दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमतियों के अनुरूप द्विपक्षीय संबंधों को आगे ले जाने के तरीकों पर विचार किया गया। इसमें आर्थिक, राजनीतिक और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने का मुद्दा भी शामिल रहा। बैठक में यह बात भी सामने आई कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता दोनों देशों के बीच सामान्य संबंधों के लिए बेहद अहम है।
चीन ने भी सीमा वार्ता को बताया अहम माध्यम
डोभाल के चीन पहुंचने से पहले चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा था कि दोनों देश सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों के माध्यम से बातचीत जारी रखेंगे। उन्होंने विशेष प्रतिनिधियों की बैठक को भारत-चीन सीमा वार्ता का प्रमुख माध्यम बताया। चीनी पक्ष के मुताबिक, यह तंत्र दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों और आपसी चिंताओं पर बातचीत का महत्वपूर्ण मंच है।
24वें दौर में बनी थी कई मुद्दों पर सहमति
पिछले साल अगस्त में विशेष प्रतिनिधियों की 24वीं बैठक हुई थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने सीमा विवाद पर विस्तार से चर्चा की थी और आगे बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई थी।चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्ष सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए नेताओं के बीच बनी सहमति के अनुरूप काम करने पर सहमत हैं। इसके अलावा द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया जाना है।
LAC पर शांति भारत के लिए अहम मुद्दा
भारत लंबे समय से यह रुख रखता रहा है कि सीमा पर शांति का सीधा असर दोनों देशों के व्यापक संबंधों पर पड़ता है। विदेश मंत्रालय भी कई मौकों पर स्पष्ट कर चुका है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के आसपास शांति और स्थिरता बनाए रखना भारत की प्राथमिकता है। 6 अगस्त को भारत-चीन सीमा मामलों पर कार्य तंत्र (WMCC) की 36वीं बैठक भी हुई थी। इसमें LAC से जुड़े घटनाक्रम की समीक्षा के साथ दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों की स्थिति पर खुलकर बातचीत की थी।
अजीत डोभाल और वांग यी के बीच होने वाली विशेष प्रतिनिधियों की बैठक को इसी क्रम में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बातचीत के दौरान सीमा विवाद के साथ दोनों देशों के बीच संबंधों को स्थिर और बेहतर बनाने के उपायों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।