Dark Mode Light Mode
अयोध्या में संतों की प्रस्तावित बैठक को लेकर विवाद, पुलिस पर रोक लगाने और नजरबंद करने के आरोप
10 साल का हुआ UPI, 13 हजार गुना बढ़ा लेनदेन; ₹314 लाख करोड़ पहुंचा कारोबार, PM मोदी ने पूछा- आपका अनुभव कैसा रहा?
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥

10 साल का हुआ UPI, 13 हजार गुना बढ़ा लेनदेन; ₹314 लाख करोड़ पहुंचा कारोबार, PM मोदी ने पूछा- आपका अनुभव कैसा रहा?

भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम की पहचान बन चुका यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) मंगलवार को अपने लॉन्च के 10 साल पूरे कर चुका है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UPI की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए देशवासियों से उनके अनुभव साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि UPI ने भारत के डिजिटल पेमेंट सफर को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है और इसकी पहुंच का विस्तार हर भारतीय के लिए गर्व की बात है।

एक दशक में 13 हजार गुना बढ़ा UPI का लेनदेन

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, UPI के जरिए होने वाले सालाना लेनदेन में पिछले 10 वर्षों में जबरदस्त उछाल आया है। वित्त वर्ष 2016-17 में जहां UPI से करीब 1.78 करोड़ लेनदेन हुए थे, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 24,162 करोड़ तक पहुंच गया। यानी एक दशक में लेनदेन की संख्या करीब 13 हजार गुना बढ़ी है। UPI के जरिए होने वाले लेनदेन की कुल रकम में भी भारी वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2016-17 में यह करीब 0.07 लाख करोड़ रुपये थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 314 लाख करोड़ रुपये हो गई। इस लिहाज से भी UPI ने पिछले 10 वर्षों में अभूतपूर्व विस्तार किया है।

मई में पहली बार 2,300 करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ा

साल 2026 में UPI के मासिक लेनदेन ने भी नए रिकॉर्ड बनाए हैं। मई में पहली बार एक महीने में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या 2,300 करोड़ से ऊपर पहुंची और कुल 2,320 करोड़ लेनदेन दर्ज किए गए। इसके बाद जुलाई में नया रिकॉर्ड बना। इस महीने UPI पर करीब 2,366 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जो इसके अब तक के सफर में किसी एक महीने का सबसे बड़ा आंकड़ा बताया गया है।

दुनिया के सबसे बड़े रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम में शामिल

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, UPI की तेज गति, व्यापक स्वीकार्यता और अलग-अलग बैंकिंग प्लेटफॉर्म के बीच इंटरऑपरेबिलिटी ने इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के आकलन का हवाला देते हुए कहा कि लेनदेन की संख्या के लिहाज से UPI दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बन चुका है। 2025 में दुनिया भर में हुए रियल-टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में UPI की हिस्सेदारी करीब 49 फीसदी बताई गई थी।

UPI से जुड़े बैंकों की संख्या भी कई गुना बढ़ी

UPI के विस्तार का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि इस प्लेटफॉर्म से जुड़े बैंकों की संख्या लगातार बढ़ी है। वित्त वर्ष 2016-17 में UPI पर 44 बैंक लाइव थे। वित्त वर्ष 2025-26 तक यह संख्या बढ़कर 703 हो गई। इसमें सरकारी और निजी बैंक के साथ स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक और कोऑपरेटिव बैंक भी शामिल हैं। यानी अब देश के बैंकिंग सिस्टम का एक बड़ा हिस्सा UPI नेटवर्क से जुड़ चुका है।

छोटे भुगतानों के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल

UPI का इस्तेमाल अब रोजमर्रा की खरीदारी और छोटे भुगतान के लिए बड़े पैमाने पर हो रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 86 फीसदी पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेनदेन 500 रुपये से कम के थे। इसी तरह करीब 59 फीसदी पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांजैक्शन भी 500 रुपये से कम राशि के रहे। इससे पता चलता है कि UPI केवल बड़े डिजिटल भुगतान का माध्यम नहीं है, बल्कि चाय, किराना, यात्रा और रोजमर्रा की छोटी खरीदारी जैसे भुगतानों में भी इसकी भूमिका लगातार बढ़ी है।

P2M ट्रांजैक्शन की हिस्सेदारी 63 फीसदी

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कुल UPI लेनदेन की संख्या में P2M यानी ग्राहक से व्यापारी को किए जाने वाले भुगतान की हिस्सेदारी करीब 63 फीसदी रही। वहीं कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले भुगतान का योगदान करीब 71 फीसदी रहा। एक दशक में UPI ने जिस तरह देश के डिजिटल भुगतान को बदला है, उसने भारत को कैशलेस और रियल-टाइम पेमेंट के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख देशों में ला खड़ा किया है। अब UPI का अगला चरण इसकी पहुंच को और बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर इसके इस्तेमाल को विस्तार देने का माना जा रहा है।

Add a comment Add a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Previous Post

अयोध्या में संतों की प्रस्तावित बैठक को लेकर विवाद, पुलिस पर रोक लगाने और नजरबंद करने के आरोप

Advertisement