नई दिल्ली: नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। रसुवा जिले में अचानक आई फ्लैश फ्लड के बाद करीब 400 लोगों के लापता होने की खबर है। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस मुश्किल घड़ी में भारत ने नेपाल के साथ खड़े होने का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत की और बाढ़ में हुई जनहानि पर दुख जताया। पीएम मोदी ने नेपाल को राहत और मानवीय सहायता के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत के लोग नेपाल के अपने पड़ोसियों और भाइयों-बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
नेपाल सरकार के संपर्क में भारतीय दूतावास
भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक, नेपाल में बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाने के लिए भारतीय दूतावास लगातार नेपाल सरकार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। दूतावास की ओर से प्रभावित भारतीयों के लिए इमरजेंसी नंबर भी जारी किए गए हैं। किसी तरह की मदद या जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500
दोनों नंबरों पर WhatsApp के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है।
रसुवा में भोटेकोशी नदी ने मचाई तबाही
तिब्बत की सीमा से लगे नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। करीब नौ बजे आई बाढ़ ने नदी के आसपास बसे इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। तेज बहाव में कई घर, वाहन और अन्य सामान बह गए। बाढ़ के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पानी की तेज धार से मची तबाही दिखाई दे रही है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बाढ़ से नेपाल के हाइड्रोपावर सेक्टर को भी बड़ा नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक कई हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं।
करीब 400 लोग लापता, 105 भारतीय भी शामिल
बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार करीब 400 लोग अब तक संपर्क में नहीं हैं। इनमें कम से कम 105 भारतीय नागरिक बताए जा रहे हैं। नेपाल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित इलाकों में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। लापता लोगों की वास्तविक संख्या और नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है।
बिहार-यूपी के सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट
नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के हालात को देखते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी प्रशासन को सतर्क किया गया है। नदियों के जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरे पर नजर रखी जा रही है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी नेपाल से लगे इलाकों में हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
भारत की टीमें राहत अभियान में कर रही सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने भरोसा दिया है कि भारत नेपाल को इस आपदा से निपटने में हरसंभव मानवीय और राहत सहायता उपलब्ध कराएगा। भारतीय अधिकारी नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर प्रभावित भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी और उन्हें जरूरी सहायता पहुंचाने की दिशा में काम कर रहे हैं।