Dr Rakesh Varma Ex IAS
काठमांडू। नेपाल के तिब्बत सीमा से सटे रसुवा जिले में बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में 384 यात्री लापता बताए गए हैं, जिनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में कम से कम 105 भारतीय पर्यटक और 37 एनआरआई हैं।अधिकांश भारतीय यात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत जा रहे थे। सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल्स के जरिए 59 और लीफ हॉलिडे के जरिए 46 भारतीय यात्री इस समूह में शामिल बताए गए हैं।
क्या हुआ था?
बुधवार सुबह करीब 8:30 से 9:00 बजे (स्थानीय समय) तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ गया। बाढ़ का पानी रसुवा के टिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाकों से होते हुए धादिंग और नुवाकोट जिलों तक पहुंच गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, भूकंप के बाद हिमस्खलन या भूस्खलन से नदी का रास्ता अवरुद्ध होने के कारण यह अचानक बाढ़ आई हो सकती है।बाढ़ ने घरों, सड़कों, पुलों और वाहनों को बहा दिया। कई जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। वीडियो और तस्वीरों में दिख रहा है कि कैसे गाद भरा पानी बस्तियों में घुस गया और इमारतों को तहस-नहस कर दिया।
लापता यात्रियों का ब्योरा
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने 10 ट्रैवल एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर प्रारंभिक सूची जारी की है। इसमें ट्रेकर्स सोसाइटी के 92, सम्राट टूर्स के 71, लीफ हॉलिडे के 55 और हिमालयन ग्लेशियर के 52 यात्री शामिल हैं। भारतीय पर्यटकों के अलावा अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के नागरिक भी लापता सूची में हैं। कई यात्रियों की राष्ट्रीयता अभी पुष्टि नहीं हो सकी है।
बोर्ड ने साफ कहा है कि ये आंकड़े प्रारंभिक हैं और यात्रा एजेंसियों, गाइडों, स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर सत्यापन चल रहा है। परिवारों से अपील की गई है कि वे सत्यापन पूरा होने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें।
मृतक संख्या और क्षति
प्रारंभिक रिपोर्टों में नेपाल में 4 से 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ अपडेट्स में यह संख्या 18 तक बताई गई। कई सुरक्षाकर्मी भी लापता बताए गए हैं। तिब्बत की ओर भी बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है। रसुवा काठमांडू से करीब 125 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है और कैलाश मानसरोवर यात्रा का महत्वपूर्ण रूट यहीं से गुजरता है। इस आपदा से यह मार्ग प्रभावित हो गया है।
राहत और बचाव कार्य
नेपाल सरकार ने सेना, पुलिस और हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सभी एजेंसियों को राहत कार्य में जुटने के निर्देश दिए हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात कर संवेदना व्यक्त की और हर संभव मानवीय सहायता का प्रस्ताव दिया। भारतीय वायुसेना भी मदद के लिए तैयार बताई जा रही है।
हेल्पलाइन नंबर
भारतीय दूतावास काठमांडू ने प्रभावित भारतीय नागरिकों के लिए आपातकालीन नंबर जारी किए हैं:
⦁ +977 985 131 6807
⦁ +977 970 910 7500
नेपाल पर्यटन बोर्ड के नंबर:
⦁ टोल फ्री: 1234
⦁ हॉटलाइन: 1144
⦁ टूरिस्ट पुलिस: 9851289445
अधिकारियों ने यात्रियों और उनके परिवारों से अपील की है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और सुरक्षित स्थान पर रहें।
यह घटना हिमालयी क्षेत्र में अचानक आने वाली बाढ़ की गंभीरता को एक बार फिर रेखांकित करती है। बचाव अभियान जारी है और स्थिति के और अपडेट आने की उम्मीद है।