बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गए। एयरपोर्ट पर किर्गिज गणराज्य के मंत्रिमंडल के अध्यक्ष आदिलबेक कासिमालिएव ने उनका स्वागत किया। इसके बाद होटल पहुंचने पर प्रधानमंत्री का भारतीय समुदाय के लोगों ने विशेष अंदाज में स्वागत किया।
भारतीय समुदाय ने किया सांस्कृतिक कार्यक्रम
प्रधानमंत्री के होटल पहुंचते ही वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों में उत्साह देखने को मिला। प्रवासी भारतीयों ने पीएम मोदी के स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान गायन और नृत्य के साथ योग की प्रस्तुतियां भी दी गईं। मोदी ने कार्यक्रम का आनंद लिया और वहां मौजूद लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत भी की और कई लोगों से हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर तिरंगा लहराते हुए लोग नजर आए।
PM मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें
बिश्केक में भारतीय समुदाय की ओर से हुए स्वागत की तस्वीरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं। उन्होंने लिखा कि भारत से बिश्केक तक पहुंचने पर भारतीय समुदाय की ओर से उन्हें बेहद खास स्वागत मिला। किर्गिस्तान पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने वहां के मंत्रिमंडल के अध्यक्ष आदिलबेक कासिमालिएव के स्वागत के लिए उनका आभार भी जताया। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान उनकी कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें होंगी। इसके अलावा वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे।
SCO समिट में जुटेंगे कई बड़े नेता
प्रधानमंत्री मोदी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे हैं। दो दिवसीय यह बैठक 31 अगस्त और 1 सितंबर को आयोजित की जा रही है। सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष नेता हिस्सा ले रहे हैं।
सुरक्षा से लेकर व्यापार तक कई मुद्दों पर चर्चा
SCO बैठक के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और सीमा पार से उत्पन्न होने वाले खतरों जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा सदस्य देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, परिवहन संपर्क और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत हो सकती है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, यूक्रेन युद्ध और बदलते क्षेत्रीय हालात भी नेताओं की बातचीत के प्रमुख मुद्दों में शामिल रह सकते हैं। पीएम मोदी की इस यात्रा को मध्य एशियाई देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।