कौशांबी: उत्तर प्रदेश के कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। मरने वालों में 8 बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे में कई लोग घायल हुए हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार शाम पुलिस-प्रशासन ने मामले के मुख्य आरोपी नौशाद के मकान पर बुलडोजर चलाया।
बिना नक्शा पास कराए बना था मकान
बताया जा रहा है कि नौशाद का मकान करीब 72 वर्गगज क्षेत्र में बना था। इसमें बेसमेंट के अलावा तीन मंजिलें थीं। अधिकारियों के मुताबिक, भवन का नक्शा प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) से स्वीकृत नहीं कराया गया था।
मंगलवार शाम करीब 6 बजे के बाद मकान के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई। PDA की तीन बुलडोजर मशीनों के साथ नगर निगम की पोकलैंड मशीन भी मौके पर लगाई गई। पहले भवन के ऊपरी हिस्से को गिराया गया और इसके बाद बाकी हिस्से को ढहाने का काम किया गया। कार्रवाई देर रात तक जारी रही। मौके पर बड़ी संख्या में लोग भी जुटे रहे।
PDA के जोनल अधिकारी गंगेश सिंह के मुताबिक, मकान का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किया गया था। उन्होंने बताया कि शुरुआत में तीन बुलडोजर लगाए गए थे, बाद में पोकलैंड मशीन की मदद से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी की गई। इससे पहले सोमवार को आरोपी की चार दुकानों और गोदामों को भी गिराया जा चुका है।
लापरवाही पर 9 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके के बाद पुलिस विभाग में भी कार्रवाई की गई है। लापरवाही के आरोप में एक इंस्पेक्टर और छह दरोगा समेत कुल 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। कार्रवाई के दायरे में इंस्पेक्टर शिवचरण राम और सब-इंस्पेक्टर विकास सिंह, विनय सिंह, अजीत कुमार सिंह, अभिषेक गुप्ता, मनीष पाल और अमित द्विवेदी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। मामले में पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जांच एजेंसियां फैक्ट्री में अवैध तरीके से पटाखों के भंडारण और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही हैं।
एनकाउंटर के बाद नौशाद गिरफ्तार
फैक्ट्री विस्फोट के मामले में मुख्य आरोपी और फैक्ट्री मालिक नौशाद को मंगलवार तड़के पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, नौशाद शहर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने चरवा थाना क्षेत्र के तेरह मील गांव के पास घेराबंदी की। पुलिस का दावा है कि घेराबंदी के दौरान नौशाद ने टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस उससे पूछताछ कर घटना में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
कैसे हुआ धमाका? जांच जारी
हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायलों का इलाज चल रहा है। हालांकि फैक्ट्री में इतना बड़ा विस्फोट आखिर किस वजह से हुआ, इसकी तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। शुरुआती जानकारी में एक महिला ने दावा किया था कि बिजली का खंभा गिरने के बाद फैक्ट्री में रखे बारूद में धमाका हुआ। पुलिस और प्रशासन अब इस दावे समेत हादसे के सभी संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं।