नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहाड़ों पर भूस्खलन और मैदानी इलाकों में नदियों के बढ़ते जलस्तर से हालात बिगड़ रहे हैं। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और झारखंड में बारिश और बाढ़ का सबसे ज्यादा असर दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं।
उत्तराखंड में 172 से ज्यादा सड़कें बंद
उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते कई जिलों में जनजीवन प्रभावित है। अल्मोड़ा, बागेश्वर, टिहरी, नैनीताल और पौड़ी समेत कई क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। लैंडस्लाइड के कारण राज्य में 172 से अधिक सड़कें और प्रमुख मार्ग बंद हैं। रास्तों को दोबारा खोलने के लिए मशीनों की मदद ली जा रही है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से मैदानी और निचले इलाकों में भी परेशानी बढ़ी है। गौला और खकरा नदी के आसपास के क्षेत्रों में पानी भर गया है। खटीमा के वनगांव में फंसे कई परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया है।
नैनीताल के रानीबाग इलाके में गौला नदी का बहाव इतना तेज हो गया कि अंतिम संस्कार के लिए रखे शव और चिताएं तक पानी की चपेट में आ गईं। अलग-अलग घटनाओं में मलबे में दबने से पांच लोगों की मौत की सूचना है। मृतकों में एक परिवार के तीन सदस्य भी शामिल हैं। मौसम खराब होने के कारण केदारनाथ यात्रा को सोनप्रयाग में एहतियातन रोक दिया गया है। वहीं नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर समेत कुछ जिलों में स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का फैसला लिया गया है।
UP में गंगा-मंदाकिनी का बढ़ा जलस्तर
उत्तर प्रदेश में भी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गंगा कई स्थानों पर खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर बह रही है। वाराणसी में गंगा का पानी बढ़ने से मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट प्रभावित हुए हैं। कई जगहों पर अंतिम संस्कार के लिए वैकल्पिक स्थानों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। गाजीपुर और सीतापुर में डूबने तथा दीवार गिरने की घटनाओं में लोगों की जान गई है। बलिया में गंगा का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है, जिससे करीब 20 हजार लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। लोगों की आवाजाही और राहत कार्य के लिए 47 नावें लगाई गई हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब चार मीटर ऊपर पहुंच गया है। प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन के साथ सेना की मदद भी ली जा रही है।
झारखंड के 10 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
झारखंड में भी भारी बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने राज्य के 10 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया है। गढ़वा, पलामू, पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा समेत कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट के चलते प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया में 217 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। जमशेदपुर में खरकई और स्वर्णरेखा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।