नई दिल्ली: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बाद अब इसी नाम से जुड़े एक और नए राजनीतिक गुट की चर्चा शुरू हो गई है। गुरुवार, 3 सितंबर को ‘कॉकरोच जनता पार्टी डेमोक्रेटिक’ (CJP-D) नाम से एक नए गुट के गठन का ऐलान किया गया। गुट के संस्थापक मनीष ब्रह्मभट्ट का दावा है कि इसमें वे लोग शामिल हैं, जो मूल CJP की कार्यप्रणाली से असहमत होकर अलग हुए हैं। CJP-D ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूदा नेतृत्व पर कई गंभीर आरोप लगाए। दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनीष ब्रह्मभट्ट ने कहा कि नया गुट मूल CJP आंदोलन से ही निकला है। उन्होंने बताया कि संगठन में नए वॉलंटियर्स को जोड़ा जा रहा है और जल्द ही समर्थन जुटाने के लिए एक वॉलंटियर रैली भी आयोजित की जाएगी।
‘आंदोलन का राजनीतिकरण कर दिया गया’
मनीष ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं की मेहनत से खड़े हुए आंदोलन को बाद में राजनीतिक रूप दे दिया गया। उनका कहना है कि आंदोलन में शामिल युवाओं और वॉलंटियर्स ने अपना समय और मेहनत लगाई, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर टीम बनाते समय उनसे कोई राय नहीं ली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन की सफलता के बाद कुछ लोगों ने मिलकर 12 सदस्यों की टीम तैयार कर ली। ब्रह्मभट्ट के मुताबिक, इस प्रक्रिया में आंदोलन से जुड़े वॉलंटियर्स और प्रदर्शनकारियों को शामिल नहीं किया गया और न ही उनसे उनकी राय मांगी गई।
‘केजरीवाल की टीम नहीं बनेगी CJP-D’
CJP-D के संस्थापक ने कहा कि उनका संगठन किसी व्यक्ति विशेष की टीम बनकर काम नहीं करेगा। उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर आंदोलन के जरिए अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने का आरोप लगाया। ब्रह्मभट्ट का दावा है कि राष्ट्रीय टीम का गठन अधिक लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए था। उनका कहना है कि हर राज्य से लोगों को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए था और आंदोलन में सक्रिय रहे प्रदर्शनकारियों व वॉलंटियर्स में से सदस्यों का चयन किया जाना चाहिए था।
‘AAP से जुड़े लोगों और करीबियों को टीम में जगह’
मनीष ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय टीम के गठन में आम आदमी पार्टी से जुड़े आठ लोगों के अलावा एक महिला मित्र और कॉलेज के दोस्तों को भी शामिल किया गया। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम के जरिए आंदोलन से जुड़े लोगों से भी टीम के गठन को लेकर पर्याप्त चर्चा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि उनकी मांग थी कि चयन प्रक्रिया किसी ‘हाई कमांड’ या एक व्यक्ति के फैसले पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। हालांकि, उनके मुताबिक इस मांग को स्वीकार नहीं किया गया और मनमाने तरीके से टीम का गठन कर दिया गया।
‘अन्ना आंदोलन के समय भी केजरीवाल ने फायदा उठाया’
मनीष ब्रह्मभट्ट ने अरविंद केजरीवाल पर पुराने आंदोलनों का राजनीतिक लाभ लेने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने अन्ना हजारे के आंदोलन के समय भी उसका फायदा उठाया था। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा CJP के जरिए भी केजरीवाल अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, ये सभी आरोप CJP-D के संस्थापक मनीष ब्रह्मभट्ट की ओर से लगाए गए हैं और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है। CJP-D ने साफ किया है कि वह मूल संगठन से अलग अपनी पहचान के साथ आगे बढ़ेगा और नए वॉलंटियर्स को जोड़कर संगठन का विस्तार करेगा। आने वाले दिनों में प्रस्तावित वॉलंटियर रैली के जरिए गुट अपनी ताकत का प्रदर्शन करने की तैयारी में है।