सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर निशाना साधा है। अखिलेश यादव की हालिया चुनावी घोषणाओं को लेकर राजभर ने सवाल उठाते हुए उन पर पिछड़े वर्ग और बहुजन महापुरुषों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही नेताओं को उन वर्गों और महापुरुषों की याद आने लगती है, जिन्हें सत्ता में रहते हुए कथित तौर पर नजरअंदाज किया गया।
ओपी राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ यादव और मुस्लिम समाज से जुड़े लोगों की मौजूदगी ही जरूरी है। राजभर ने आरोप लगाया कि जब कोई पत्रकार सरकार या पार्टी से जुड़े मुद्दों पर कड़े सवाल करता है तो अखिलेश यादव सवालों का सीधे जवाब देने के बजाय पत्रकारों को संबोधित करने लगते हैं।
अशोक जयंती पर छुट्टी के वादे पर उठाए सवाल
ओपी राजभर ने अखिलेश यादव के उस हालिया बयान को भी निशाने पर लिया, जिसमें उन्होंने सत्ता में आने पर सम्राट अशोक की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की बात कही थी। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव अब सम्राट अशोक और भगवान बुद्ध से जुड़े स्थलों के विकास की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके मुताबिक पिछली सरकार के कार्यकाल में इन मुद्दों को लेकर अलग रवैया था।
राजभर ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान बहुजन महापुरुषों के नाम पर बने कई जिलों और संस्थानों के नाम बदले गए। उन्होंने भीमनगर, फुले नगर, कांशीराम नगर, रमाबाई नगर और संत रविदास नगर का नाम बदले जाने का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव से जवाब मांगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम से जुड़ी कई योजनाओं में बदलाव किया गया। आजम खान को लेकर भी राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल किया और कहा कि उस समय वे सत्ता में सहयोगी की भूमिका में थे, इसलिए अब उन्हें इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
दरअसल, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को कुशवाहा, शाक्य, मौर्य और सैनी समाज के सम्मेलन को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर सपा की सरकार बनती है तो चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा। अखिलेश यादव ने गोमती रिवर फ्रंट पर बाबू जगदेव कुशवाहा की प्रतिमा स्थापित कर स्मारक बनाने की भी बात कही। इसके अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश में भगवान बुद्ध से जुड़े प्रमुख स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से विकसित करने का वादा किया। इनमें कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, सारनाथ और सोनभद्र का नाम शामिल है।
अखिलेश यादव ने इन स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की बात कही थी। इसी दौरान उन्होंने बीजेपी पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप भी लगाया था। अब उनके इन्हीं बयानों को लेकर ओपी राजभर ने पलटवार किया है और सपा प्रमुख से उनके पिछले कार्यकाल को लेकर जवाब मांगा है।