नई दिल्ली। दिल्ली के दक्षिणी हिस्से में मामूली विवाद के बाद एक मणिपुरी संगीतकार की मौत का मामला सामने आया है। किलोकरी गांव में घर के बाहर हो रहे शोर का विरोध करने पहुंचे 54 वर्षीय संगीतकार और गिटारिस्ट सी. विक्रम सिंह पर कथित तौर पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में हत्या की एफआईआर दर्ज करते हुए एक नाबालिग समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। सी. विक्रम सिंह मूल रूप से मणिपुर के रहने वाले थे और करीब दो दशक से दिल्ली में रह रहे थे। वह अपने परिवार के साथ किलोकरी गांव में रहते थे और एक संस्थान में संगीतकार के तौर पर काम करते थे। पुलिस के मुताबिक, सोमवार सुबह उनके घर के बाहर कुछ डिलीवरी कर्मचारियों और ढाबा कर्मियों के बीच शोर-शराबा हो रहा था।
शोर को लेकर शुरू हुआ विवाद, मारपीट में बदला
बताया जा रहा है कि लगातार हो रहे शोर से परेशान होकर विक्रम सिंह घर से बाहर आए और वहां मौजूद लोगों से आवाज कम करने के लिए कहा। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद विक्रम सिंह की तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। मामले की जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे और किसकी क्या भूमिका रही।
दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस के डीसीपी विनीत कुमार के मुताबिक, मामले में हत्या की धारा के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने भरत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32), विजय (36), मन्नू (26) और 15 वर्षीय एक नाबालिग को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक, इनमें से कई आरोपी स्थानीय ढाबों में फूड डिलीवरी या पैकेजिंग का काम करते हैं, जबकि मन्नू डायमंड पिज्जा कियोस्क पर काम करता है।
राहुल गांधी और मेघालय CM ने जताया दुख
मामला सामने आने के बाद इस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना पर दुख जताते हुए कहा कि विक्रम सिंह अपने घर के बाहर हो रहे शोर को लेकर लोगों से बात करने गए थे, जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और उनकी जान चली गई। राहुल गांधी ने दिल्ली में रहने वाले नॉर्थ-ईस्ट के लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से ऐसी घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई करने और मामले की जल्द जांच कर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की। वहीं, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने भी घटना पर दुख और नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना से पुराने जख्म फिर ताजा हो गए हैं।