नई दिल्ली: भारत की मेजबानी में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार देर रात नई दिल्ली पहुंच गए। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस के बाहर आयोजित किसी BRICS शिखर सम्मेलन में पुतिन की यह पहली व्यक्तिगत भागीदारी है। वह दिल्ली के पालम एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे, जहां विदेश राज्य मंत्री वी.के. सिंह ने उनका स्वागत किया। रूसी राष्ट्रपति के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। एयरपोर्ट से स्वागत कार्यक्रम के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच पुतिन का काफिला होटल के लिए रवाना हुआ। उनके दौरे को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों पर बढ़ाई गई है।
एयरपोर्ट से होटल तक कड़ी सुरक्षा, रूसी टीम भी तैनात
पुतिन के होटल और उसके आसपास सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। एयरपोर्ट से होटल और वहां से भारत मंडपम तक जाने वाले मार्गों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी रख रही हैं। रूसी सुरक्षा दल भी दिल्ली पहुंचकर तैयारियों में जुट चुका है। इस बार BRICS की स्थापना की 20वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है। भारत की अध्यक्षता में मुख्य शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होगा। दुनिया के कई प्रमुख नेताओं के जुटने के कारण राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रहेगी।
PM मोदी से आमने-सामने होंगे पुतिन
BRICS सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच 11 सितंबर को अहम द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में रक्षा सहयोग, व्यापार, ऊर्जा और आर्थिक रिश्तों समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब दोनों नेताओं की हालिया मुलाकात को ज्यादा वक्त नहीं बीता है। इससे पहले 31 अगस्त को बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और पुतिन की बैठक हुई थी। उस दौरान दोनों नेताओं ने राजनीति, व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और संपर्क व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की थी। पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में जारी संघर्षों पर भी दोनों के बीच बातचीत हुई थी।
मोदी-पुतिन बैठक पर दुनिया की नजर
भारत और रूस के बीच लंबे समय से विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी रही है। रक्षा से लेकर ऊर्जा, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक दोनों देशों के रिश्ते बहुआयामी रहे हैं। ऐसे में BRICS सम्मेलन के दौरान होने वाली मोदी-पुतिन मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। यह शिखर सम्मेलन ऐसे दौर में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों से गुजर रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में तनाव, ऊर्जा आपूर्ति की अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों में बदलाव जैसे मुद्दे वैश्विक स्तर पर चर्चा के केंद्र में हैं। ऐसे में BRICS बैठक में आर्थिक सहयोग के साथ-साथ वैश्विक परिस्थितियों पर भी प्रमुखता से चर्चा होने की संभावना है।