नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। उनका विमान शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे दिल्ली के पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उतरा। पुतिन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आए हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति के बीच आज अहम द्विपक्षीय बैठक होने वाली है। मोदी-पुतिन की इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर है। बैठक में भारत-रूस के रणनीतिक और रक्षा संबंधों के साथ-साथ ऊर्जा, कारोबार और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। बातचीत में आतंकवाद, अंतरिक्ष सहयोग, ड्रग तस्करी पर रोक और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसे विषय भी शामिल हो सकते हैं।
इन 3 मुद्दों पर रहेगा खास फोकस
1. डिफेंस सहयोग
भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग बैठक का सबसे अहम मुद्दा हो सकता है। दोनों देशों के बीच Su-57 फाइटर जेट, S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी और अन्य रक्षा परियोजनाओं पर बातचीत की संभावना है। भारत अपनी रक्षा जरूरतों और भविष्य के सैन्य सहयोग को लेकर रूस के साथ आगे की रणनीति पर भी चर्चा कर सकता है।
2. क्रूड ऑयल और ऊर्जा सुरक्षा
बैठक में कच्चे तेल की सप्लाई भी अहम मुद्दा रहेगी। वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता के बीच भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दे सकता है। रूस से तेल खरीद और भविष्य की सप्लाई व्यवस्था को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
3. रुपया-रूबल में कारोबार
भारत और रूस के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने का मुद्दा भी बैठक में उठ सकता है। दोनों देश डॉलर पर निर्भरता कम करने और रुपये-रूबल में भुगतान की व्यवस्था को मजबूत करने के विकल्पों पर चर्चा कर सकते हैं।
दिल्ली पहुंचने पर पुतिन का स्वागत
रूसी राष्ट्रपति का दिल्ली एयरपोर्ट पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी और भारत-रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे विशेष रणनीतिक संबंधों को रेखांकित किया।
पुतिन का आज का कार्यक्रम
क्रेमलिन के मुताबिक, पुतिन शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होगी। दोनों नेता रूस और भारत के उद्योग एवं व्यापार मंत्रालयों की ओर से आयोजित INNOPROM प्रदर्शनी का दौरा भी कर सकते हैं।
भारत-रूस रिश्तों को मिलेगी नई गति
पुतिन का दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल तकनीक, वित्तीय सहयोग और वैश्विक शासन सुधार जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, सीमा-पार भुगतान, स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी बातचीत हो सकती है।
मोदी-पुतिन मुलाकात पर दुनिया की नजर
पुतिन की दिल्ली यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ब्रिक्स सम्मेलन में रूस और भारत के अलावा चीन समेत कई प्रमुख देश शामिल हो रहे हैं। ऐसे में मोदी-पुतिन की बैठक से भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। रक्षा और ऊर्जा से लेकर व्यापार तक होने वाली बातचीत आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों के लिए अहम साबित हो सकती है।