भोपाल: मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में पुलिस ने शुक्रवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रमुख आरोपियों में शामिल रवि लखेरा को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कानून-व्यवस्था और अवैध शराब के कारोबार को लेकर प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मुठभेड़ के बाद रवि लखेरा गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, रवि लखेरा को बरायठा जंगल के पास मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। पुलिस टीम ने उसे रोकने की कोशिश की तो कथित तौर पर दोनों ओर से गोलीबारी हुई। इस दौरान लखेरा के पैर में गोली लगी। पुलिस के अनुसार, आरोपी मोटरसाइकिल पर दो अन्य लोगों के साथ था। गोलीबारी शुरू होने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए। घायल लखेरा को इलाज के लिए उत्तर प्रदेश के बांदा स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई है। पुलिस का आरोप है कि लखेरा ने लाइसेंसी शराब ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह लोधी के साथ मिलकर कथित तौर पर नकली शराब तैयार कराई और उसकी सागर जिले में सप्लाई कराई। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
सागर शराब कांड में अब तक 16 मौतें
सागर जिले में जहरीली शराब पीने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ी थी। मामले में अब तक 16 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 32 अन्य लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले में कुल 30 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें से 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसियां अब नकली शराब के निर्माण, कच्चा माल उपलब्ध कराने और उसकी सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
लखेरा के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मामले
पुलिस के अनुसार, रवि लखेरा के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत अलग-अलग स्थानों पर उसके खिलाफ करीब 25 प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कई मामले आबकारी कानून से जुड़े बताए जा रहे हैं।
लखेरा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, सागर के बहेरिया थाने में वर्ष 2025 में दर्ज अवैध शराब बनाने के एक मामले में भी वह वांछित था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि लखेरा नकली शराब तैयार करने और उसके लिए जरूरी सामग्री जुटाने में सक्रिय था। पुलिस को संदेह है कि वह अवैध शराब की सप्लाई से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा था।
CM मोहन यादव ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सागर की घटना को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था से समझौता करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। अवैध शराब और नशे के कारोबार से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अपराधियों के अवैध ठिकानों के खिलाफ पहले भी बुलडोजर कार्रवाई की गई है और आगे भी सख्ती जारी रहेगी।
जहरीली शराब कांड की न्यायिक जांच के आदेश
सागर में हुई मौतों के मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पहले ही न्यायिक जांच के आदेश दे चुके हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची, इसके पीछे कौन लोग शामिल थे और पूरे मामले में कहीं प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई। विपक्षी दलों ने भी घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं और शराब के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। न्यायिक जांच की रिपोर्ट से घटना के कारणों और जिम्मेदारी तय करने में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान तेज
सीएम मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार नशाखोरी और इससे जुड़े अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चला रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध शराब और नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल पुलिस का ध्यान फरार आरोपियों को पकड़ने और नकली शराब के पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर है। रवि लखेरा से पूछताछ के बाद मामले में अन्य आरोपियों और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।