भोपाल| मध्य प्रदेश सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए मुख्यमंत्री बालिका एवं बालक स्कूटी योजना की पात्रता सूची जारी कर दी है। योजना के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 7,500 से ज्यादा मेधावी छात्र-छात्राओं को स्कूटी देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस बार योजना के नियमों में बदलाव करते हुए 12वीं में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक और अपने स्कूल में प्रथम स्थान हासिल करना जरूरी किया गया है।
चयनित विद्यार्थियों को उनकी पसंद के अनुसार इलेक्ट्रिक स्कूटर या पेट्रोल से चलने वाली मोटराइज्ड स्कूटी के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। पात्र विद्यार्थियों की सूची शिक्षा विभाग के विमर्श पोर्टल पर स्कूल और जिले के आधार पर देखी जा सकती है।
क्या है नई पात्रता?
मुख्यमंत्री बालिका एवं बालक स्कूटी योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को कुछ निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी। इनमें सबसे अहम बदलाव 12वीं के अंकों को लेकर किया गया है।
- विद्यार्थी मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग या जनजातीय कार्य विभाग के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल का नियमित छात्र होना चाहिए।
- 12वीं बोर्ड परीक्षा में कम से कम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी है।
- विद्यार्थी ने अपने सरकारी स्कूल में 12वीं की परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया हो।
- परीक्षा पहली बार में पास की हो। सप्लीमेंट्री या दोबारा परीक्षा देने वाले विद्यार्थी योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
- योजना का लाभ केवल छात्राओं को नहीं, बल्कि पात्र बालक और बालिका दोनों को दिया जाएगा।
पहले योजना के लिए न्यूनतम अंक की सीमा 60 प्रतिशत थी, जिसे अब बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है।
विमर्श पोर्टल पर ऐसे देखें मेरिट लिस्ट
अगर आपने 12वीं की परीक्षा में अपने स्कूल में टॉप किया है, तो विमर्श पोर्टल पर अपना नाम चेक कर सकते हैं। इसके लिए ये प्रक्रिया अपनाएं:
- सबसे पहले शिक्षा विभाग का आधिकारिक पोर्टल vimarsh.mp.gov.in खोलें।
- होमपेज पर मुख्यमंत्री बालिका एवं बालक स्कूटी योजना से संबंधित पंजीकरण रिपोर्ट या पात्रता सूची वाले लिंक पर जाएं।
- अब ड्रॉपडाउन मेन्यू में अपना जिला चुनें।
- इसके बाद अपने स्कूल का नाम सिलेक्ट करें।
- सबमिट करने के बाद आपके स्कूल से चयनित विद्यार्थियों की सूची स्क्रीन पर दिखाई देगी।
अगर पात्र होने के बावजूद नाम सूची में नहीं दिखाई देता है, तो सूची के अपडेट होने का इंतजार किया जा सकता है। इसके अलावा विद्यार्थी अपने स्कूल के प्राचार्य से संपर्क कर रिकॉर्ड और पात्रता संबंधी जानकारी की जांच करा सकते हैं।
इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए 1.20 लाख, पेट्रोल स्कूटी पर 90 हजार
योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को वाहन के विकल्प के अनुसार आर्थिक सहायता दी जा रही है। इलेक्ट्रिक स्कूटी का विकल्प चुनने वाले विद्यार्थियों के लिए 1.20 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान बताया गया है। इसके साथ आरटीओ रजिस्ट्रेशन और पहले साल के बीमा का शुरुआती खर्च भी सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है।
वहीं पेट्रोल से चलने वाली मोटराइज्ड स्कूटी चुनने वाले विद्यार्थियों को 90 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। यह रकम पात्र विद्यार्थियों के आधार लिंक बैंक खाते में DBT के जरिए ट्रांसफर की जाएगी।
मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने की योजना
मुख्यमंत्री बालिका एवं बालक स्कूटी योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है। अच्छे प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को वाहन या उसके लिए वित्तीय सहायता देकर उच्च शिक्षा की राह आसान करने की कोशिश की जा रही है।