पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के एक प्रांतीय मंत्री के कथित अपहरण की खबर से सियासी हलचल तेज हो गई है। PTI ने आरोप लगाया है कि प्रांतीय मंत्री फजल शकूर खान को हथियारबंद और नकाबपोश लोगों ने पेशावर के पास मोटरवे से कथित तौर पर अगवा कर लिया। घटना को लेकर एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, हालांकि उसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मोटरवे के पास गाड़ी रोकने का आरोप
PTI के मुताबिक, घटना पेशावर के मोटरवे टोल प्लाजा के आसपास हुई। पार्टी का दावा है कि सादे कपड़ों में आए हथियारबंद लोगों ने फजल शकूर खान की गाड़ी को घेर लिया और उन्हें अपने साथ ले गए। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि हमलावरों ने मंत्री की गाड़ी के टायरों पर गोली चलाई, जिसके बाद वाहन रुक गया। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान को लेकर आधिकारिक स्तर पर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी फजल शकूर खान के कथित अपहरण का जिक्र करते हुए इसे PTI के खिलाफ दबाव बनाने की कोशिश बताया है। हालांकि, ये आरोप पार्टी और उसके नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।
शकील खान को लेकर भी विवाद
इसी दौरान मालाकंद में PTI के प्रांतीय मंत्री शकील खान को कथित तौर पर अगवा करने की कोशिश का मामला भी सामने आया। PTI ने आरोप लगाया कि उन्हें निशाना बनाया गया। हालांकि, स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक बटखेला बाईपास रोड पर शकील खान के सुरक्षा गार्डों ने एक संदिग्ध वाहन पर गोली चलाई, जिसमें एक व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई। इस मामले में FIR दर्ज किए जाने की बात भी कही गई है। यानी इस घटना को लेकर PTI के आरोप और स्थानीय रिपोर्टों में सामने आया विवरण अलग-अलग है।
कार्यकर्ताओं ने सड़क पर किया प्रदर्शन
शकील खान से जुड़ी घटना के बाद PTI कार्यकर्ताओं ने मालाकंद में विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में समर्थक सड़क पर जुटे और बटखेला बाईपास को जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और घटना की जांच की मांग उठाई। पार्टी समर्थकों का आरोप है कि PTI से जुड़े निर्वाचित प्रतिनिधियों को दबाव में लेने की कोशिश की जा रही है।
27 सितंबर के मार्च पर टिकी नजर
इन घटनाओं के बीच पाकिस्तान में PTI और सरकार के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। PTI ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद में प्रस्तावित विरोध मार्च जारी रखने का फैसला किया है। पार्टी के मुताबिक, यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने पेशावर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि PTI की संसदीय समिति ने 27 सितंबर को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार इस्तेमाल करने का फैसला किया है। पार्टी 25 सितंबर को मार्च की विस्तृत रणनीति की घोषणा करने वाली है।
PTI नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों का भी मुद्दा
PTI ने दावा किया है कि मार्च से पहले उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान ने करीब 1,500 समर्थकों की हिरासत का दावा किया है। हालांकि, यह आंकड़ा PTI की ओर से दिया गया है। इसी बीच इमरान खान की बहनों की हिरासत का मामला भी चर्चा में है। पाकिस्तान सरकार की ओर से सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था का हवाला दिया गया है, जबकि PTI ने इन कार्रवाइयों की आलोचना की है।
फिलहाल फजल शकूर खान के कथित अपहरण और शकील खान से जुड़े मामले की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी। वहीं 27 सितंबर के PTI मार्च को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक और सुरक्षा हालात पर सबकी नजर बनी हुई है।