नूंह। हरियाणा के नूंह में गुरुवार सुबह पुलिस को बड़ी कामयाबी मिलने का दावा किया गया है। गो-तस्करी समेत कई मामलों में वांटेड शाहिद उर्फ आडवाणी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, सुबह करीब 4 बजे गांव सिलानी के पास फिरोजपुर झिरका क्राइम स्टाफ की टीम उसका पीछा कर रही थी। इसी दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से वह घायल हो गया। उसे सोहना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पीछा करने के दौरान पुलिस टीम पर की फायरिंग
पुलिस के मुताबिक, शाहिद उर्फ आडवाणी तावडू के खड़खड़ी गांव का रहने वाला था। गुरुवार तड़के क्राइम स्टाफ की टीम गांव सिलानी के पास उसका पीछा कर रही थी। इसी दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। इसके बाद हुई जवाबी फायरिंग में शाहिद को गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे सोहना के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद रोजकामेव थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। मृतक के शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
शाहिद पर दर्ज थे 30 से ज्यादा मामले
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शाहिद उर्फ आडवाणी के खिलाफ 30 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें गो-तस्करी, गौवंश के अवैध परिवहन, पशु क्रूरता और अवैध कटान से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा, उस पर एटीएम मशीन उखाड़ने, लूटपाट, पुलिस टीम पर फायरिंग, नाकाबंदी तोड़कर भागने और जानलेवा हमले जैसे अपराधों में शामिल होने के आरोप भी थे। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत भी मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, शाहिद साल 2018 में गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की हिरासत से फरार हो गया था। इसके बाद उसके खिलाफ हिरासत से भागने का मामला भी दर्ज किया गया था। हालांकि, उसके खिलाफ दर्ज सभी मामलों की एफआईआर और धाराओं का पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
यूपी में भी गो-तस्करी के खिलाफ कार्रवाई
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में गो-तस्करी और गोकशी के मामलों में पुलिस कार्रवाई लगातार चर्चा में रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2017 से मई 2026 तक राज्य में कुल 17,043 पुलिस मुठभेड़ हुईं। हालांकि, इनमें गो-तस्करी के आरोपियों से जुड़ी मुठभेड़ों की अलग से आधिकारिक संख्या उपलब्ध नहीं है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में गो-तस्करी और गोकशी से जुड़े मामलों में 14,182 से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए और 35,924 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
बलिया, जौनपुर, बरेली, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर, मिर्जापुर और श्रावस्ती समेत कई जिलों में गो-तस्करी के आरोपियों के साथ पुलिस मुठभेड़ की खबरें सामने आती रही हैं। हालांकि, इन आंकड़ों से यह तय नहीं किया जा सकता कि गो-तस्करी के कितने आरोपियों की मुठभेड़ में मौत हुई।