पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में महासप्तमी की शाम दर्दनाक हादसा हो गया। भारी भीड़ और मूसलाधार बारिश के बीच भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद पूजा समिति के जनरल सेक्रेटरी समेत पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं और लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
पूजा समिति की व्यवस्था पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पूजा समिति की व्यवस्थाओं में कुछ कमियां थीं। कोलकाता पुलिस पंडाल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हादसे की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी हादसे की जानकारी दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोलकाता में मौजूद हैं और मामले की निगरानी कर रहे हैं।
25 लोग घायल, एक की हालत गंभीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसा शनिवार शाम करीब 7:30 बजे उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुआ। इस घटना में 19 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि मृतकों में ज्यादातर लड़कियां और छोटे बच्चे शामिल हैं। हादसे में घायल 25 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इनमें से 24 लोगों की हालत खतरे से बाहर है, जबकि एक व्यक्ति की स्थिति गंभीर बनी हुई है। घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पीड़ित परिवारों से मिले मुख्यमंत्री
सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि वह हादसे में अपनों को खोने वाले 10 परिवारों से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट के मौजूदा जज की अगुवाई में होगी जांच
मुख्यमंत्री ने हादसे की जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के मौजूदा जज की अगुवाई में फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी गठित करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि कमेटी की सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।