कांग्रेस की युवा इकाई भारतीय युवा कांग्रेस ने संगठनात्मक अनुशासन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली’ में शामिल नहीं होने पर सात राज्यों के 202 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि इन नेताओं को रैली में शामिल होने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद संगठन ने यह कार्रवाई की है।
सूत्रों के मुताबिक, जिन राज्यों के पदाधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, उनमें गुजरात, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा, मध्य प्रदेश और झारखंड शामिल हैं। निलंबित किए गए नेताओं में प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव स्तर के पदाधिकारी भी शामिल हैं।
मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा 60 पदाधिकारी सस्पेंड
युवा कांग्रेस की इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा असर मध्य प्रदेश में देखने को मिला है। यहां 60 पदाधिकारियों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा गुजरात में 49, झारखंड में 32 और पश्चिम बंगाल में 26 नेताओं पर कार्रवाई हुई है।
राज्यवार निलंबन का आंकड़ा इस प्रकार है:
- मध्य प्रदेश: 60 पदाधिकारी
- गुजरात: 49 पदाधिकारी
- झारखंड: 32 पदाधिकारी
- पश्चिम बंगाल: 26 पदाधिकारी
- तेलंगाना: 14 पदाधिकारी
- उत्तर प्रदेश (मध्य): 11 पदाधिकारी
- हरियाणा: 10 पदाधिकारी
इस तरह सात राज्यों के कुल 202 पदाधिकारियों को संगठन से निलंबित किया गया है।
रैली में गैरमौजूदगी पर मांगा गया था जवाब
सूत्रों के अनुसार, जिन पदाधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, उनसे रैली में शामिल नहीं होने को लेकर जवाब मांगा गया था। हालांकि, संगठन उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर निलंबन का फैसला लिया गया।
कार्रवाई की जद में आए नेताओं में संगठन के कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाल रहे पदाधिकारी भी हैं। माना जा रहा है कि युवा कांग्रेस इस कदम के जरिए अपने संगठनात्मक ढांचे में अनुशासन को लेकर सख्त संदेश देना चाहती है।
मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने जारी किया आधिकारिक बयान
मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर कार्रवाई की जानकारी दी। संगठन के मुताबिक, भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों का पालन करते हुए यह फैसला लिया गया है।
बयान में कहा गया कि 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट चोरी विरोधी रैली’ में अनुपस्थित रहने के मामले को संगठन ने गंभीरता से लिया है। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है।
दूसरे राज्यों के नेताओं पर भी हो सकती है कार्रवाई
सूत्रों की मानें तो सात राज्यों में हुई इस कार्रवाई के बाद मामला अभी खत्म नहीं हुआ है। कुछ अन्य राज्यों के पदाधिकारी भी संगठन के निशाने पर आ सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में युवा कांग्रेस की ओर से और भी निलंबन की कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, 202 पदाधिकारियों के निलंबन के बाद युवा कांग्रेस के भीतर हलचल तेज हो गई है। इस फैसले को संगठन में अनुशासन मजबूत करने और राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों को गंभीरता से लागू कराने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।