नई दिल्ली| दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन की मेगा रैली आयोजित की जा रही है. इसमें शामिल होने के लिए कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत गठबंधन के कई घटक दलों के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजधानी पहुंचे हैं. रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. पूरे इलाके पर नजर रखने के लिए 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. मैदान के अंदर और बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है.
मिंटो ब्रिज से रामलीला मैदान तक विपक्षी नेताओं का मार्च
रैली से पहले INDIA गठबंधन के नेताओं ने मिंटो ब्रिज से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला. इस मार्च में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद फारूक अब्दुल्ला, एनसीपी-एससीपी सांसद सुप्रिया सुले और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव समेत कई नेता शामिल हुए. मार्च के दौरान सड़कों पर समर्थकों की बड़ी भीड़ दिखाई दी. कनॉट प्लेस से लेकर रामलीला मैदान तक नेताओं के काफिले और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही.
अशोक गहलोत ने बीजेपी पर साधा निशाना
रैली से पहले कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने सत्ताधारी बीजेपी पर विपक्ष की गतिविधियों को लेकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष को लोकतांत्रिक व्यवस्था में भरोसा नहीं है और वह विपक्ष की रैलियों का मुकाबला करने की कोशिश कर रहा है. गहलोत ने कहा कि इस तरह की स्थिति पहले कभी देखने को नहीं मिली और इससे सत्ता पक्ष की बेचैनी का अंदाजा लगाया जा सकता है.
राहुल गांधी का दुकानदारों के मुद्दे पर बयान
रामलीला मैदान में रैली को संबोधित करने पहुंचे राहुल गांधी ने समर्थकों से अपील की कि वे कार्यक्रम में आने के दौरान स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी भी करें. उन्होंने दावा किया कि कनॉट प्लेस पहुंचने पर उन्हें जानकारी मिली कि बीजेपी ने कथित तौर पर दबाव डालकर दुकानों को बंद करवाया है. राहुल गांधी ने कहा कि लोगों को समझना चाहिए कि व्यापारियों का नुकसान किसकी वजह से हो रहा है. उन्होंने इस मुद्दे को उठाते हुए स्थानीय कारोबारियों के हितों पर भी सवाल खड़े किए.
रैली में विपक्षी दलों के कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी को गठबंधन की एकजुटता के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है. कार्यक्रम के दौरान नेताओं के संबोधन और राजनीतिक मुद्दों पर दिए जाने वाले बयानों पर सबकी नजर बनी हुई है.