लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम वेतन दरों में संशोधन को मंजूरी दे दी है। यह फैसला नोएडा में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के बाद लिया गया है। नई अंतरिम दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। सोमवार (13 अप्रैल) को नोएडा के कई औद्योगिक क्षेत्रों में वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर श्रमिकों का प्रदर्शन उग्र हो गया था। इस दौरान पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। कई वाहनों को नुकसान पहुंचा और कुछ इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण रही।
स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक हाई पावर कमेटी गठित की गई, जिसकी सिफारिशों के आधार पर यह निर्णय लिया गया।सरकार ने न्यूनतम मजदूरी को तीन श्रेणियों अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रमिकों में विभाजित किया है। साथ ही इसे क्षेत्रवार लागू किया गया है।
नोएडा और गाजियाबाद
गाजियाबाद और नोएडा में अब श्रमिकों को संशोधित वेतन मिलेगा—
अकुशल: ₹13,690 प्रति माह
अर्धकुशल: ₹15,059 प्रति माह
कुशल: ₹16,868 प्रति माह
अन्य नगर निगम क्षेत्र
अकुशल: ₹13,006
अर्धकुशल: ₹14,306
कुशल: ₹16,025
बाकी जिले
अकुशल: ₹12,356
अर्धकुशल: ₹13,591
कुशल: ₹15,224
DA सहित तय हुई दरें
सरकारी आदेश के अनुसार यह वेतन मूल वेतन और महंगाई भत्ता (DA) को मिलाकर तय किया गया है। स्पष्ट किया गया है कि कोई भी कंपनी इन दरों से कम वेतन नहीं दे सकेगी। सरकार ने कहा है कि यह संशोधित वेतन दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। साथ ही इसे “संतुलित और व्यावहारिक” निर्णय बताया गया है। नोएडा में हुई हिंसा के बाद सरकार ने श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच संवाद के लिए समिति गठित की थी। अधिकारियों के मुताबिक, आगे किसी भी तरह की अशांति रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।