लखनऊ / अयोध्या| अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में हुई हेराफेरी को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल आया हुआ है। विपक्ष के चौतरफा हमलों के बीच अब फायरब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लिए बिना उन पर अब तक का सबसे तीखा पलटवार किया है। गिरिराज सिंह ने विपक्षी नेताओं को ‘नकली सनातनी’ करार देते हुए मुजफ्फरनगर और अयोध्या के पुराने दौर की याद दिलाई और दावा किया कि इन लोगों की नजर सिर्फ साल 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनावों पर है।
‘जो कल तक गोलियां चलवाते थे, आज बड़े रामभक्त बन रहे हैं’
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष की घेराबंदी का जवाब देते हुए पुराने सियासी जख्मों को कुरेदा। उन्होंने बेहद आक्रामक लहजे में कहा, “आजकल भगवान राम के कुछ ऐसे ‘नकली’ भक्त पैदा हो गए हैं जो खुद को सनातनी बता रहे हैं। ये वही लोग हैं जो कल तक ताने मारते थे कि गुंबद पर तो चढ़ गए लेकिन उतर नहीं पाए। जब रामभक्तों को गोलियों से भून दिया गया, तब चाहे कोई इन्हें ‘मियां मुलायम’ ही क्यों न कहता हो, इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा। अफ़सोस की बात है कि आज वही लोग सबसे बड़े रामभक्त और सनातनी होने का ढोंग कर रहे हैं।”
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस और सपा को एक ही कतार में खड़ा करते हुए आरोप लगाया, “चाहे कांग्रेस पार्टी हो या अखिलेश यादव, इन लोगों ने कभी भी कोर्ट में और राजनीतिक मंचों पर भगवान राम के अस्तित्व को स्वीकार नहीं किया। आज यही लोग अचानक रामलला के पैरोकार बन रहे हैं, क्योंकि इनकी नजर 2027 के वोटबैंक पर टिकी है। देश के असली सनातनियों को ऐसे बहरूपियों से सावधान रहने की जरूरत है।”
योगी सरकार करेगी ‘दूध का दूध और पानी का पानी’
चढ़ावा चोरी की घटना पर अपनी बात रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस घिनौनी वारदात से पूरा हिंदू समाज बेहद आहत और गुस्से में है। लेकिन देश को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस मामले की निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने साफ कर दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार पूरी तत्परता से ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ करने में जुटी है।
SIT की रडार पर मुख्य आरोपी अविनाश, पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे
गौरतलब है कि राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी का यह सनसनीखेज मामला पहली बार 7 जून को उजागर हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए योगी सरकार ने तुरंत स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। एसआईटी की शुरुआती जांच रिपोर्ट के बाद 25 जून को इस मामले में पहली आधिकारिक एफआईआर दर्ज की गई थी। अब तक इस मामले में चढ़ावा गिनने की प्रक्रिया से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। वर्तमान में जांच की पूरी सुई मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला पर टिकी हुई है।
सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर
पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले राज उगले हैं। सूत्रों के मुताबिक, अविनाश ने कबूल किया है कि वे लोग काफी समय से चढ़ावे की रकम से लगातार चोरी कर रहे थे। चोरी की गई इस बड़ी राशि को सभी आरोपियों के बीच बराबर-बराबर बांट दिया जाता था। कभी-कभार कुछ खास लोगों को ज्यादा हिस्सा भी मिलता था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस पूरे काले खेल और पैसों के बंटवारे में ‘टिन्नू’ नाम के एक शख्स का जबरदस्त दबदबा रहता था, जिसकी तलाश में पुलिस अब छापेमारी कर रही है।