पश्चिम बंगाल के चर्चित भांगड़ ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल पूर्व टीएमसी विधायक शौकत मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से पहले NIA ने उनके ठिकाने पर छापेमारी की थी।
सूत्रों के मुताबिक, छापे की भनक लगते ही शौकत मोल्ला मौके से बाइक लेकर फरार हो गए थे। जांच एजेंसियों को आशंका थी कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए बांग्लादेश भागने की तैयारी कर रहे थे। वहीं, यह भी चर्चा रही कि वह वकील के जरिए कोर्ट में सरेंडर करने की रणनीति बना रहे थे।
हालांकि, NIA और पुलिस की निगरानी के बीच आखिरकार शौकत मोल्ला को कोलकाता के पास हिरासत में ले लिया गया। एजेंसी का आरोप है कि भांगड़ ब्लास्ट की साजिश में उनकी अहम भूमिका थी।
इधर, शौकत मोल्ला की बेटी ने गिरफ्तारी के दावों पर अलग बयान दिया है। उनका कहना है कि उनके पिता को गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि उन्होंने खुद जांच एजेंसी के सामने पेश होकर सहयोग किया है। परिवार का दावा है कि वह जरूरी काम से बाहर गए थे और संपर्क होने पर स्वयं सामने आए।
दरअसल, यह पूरा मामला 19 मार्च को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले हुए भांगड़ विस्फोट से जुड़ा है। दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ इलाके में हुए इस धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। शुरुआती जांच में वहां कथित तौर पर कच्चे बम बनाए जाने की बात सामने आई थी।
गृह मंत्रालय के निर्देश पर इस मामले की जांच NIA को सौंपी गई थी। जांच के दौरान एजेंसी ने सबसे पहले शम्सुल सरदार को हिरासत में लिया था, जिस पर शौकत मोल्ला को फरार होने में मदद करने का आरोप लगा था।
NIA अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी ने कई स्थानों पर छापेमारी भी की है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी कई अहम खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।