नई दिल्ली। ईरान की सरजमीं पर एक बार फिर अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत और रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया है। अमेरिकी फाइटर जेट F-15E के क्रैश होने के बाद लापता हुए क्रू मेंबर को अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने एक जोखिम भरे ऑपरेशन के जरिए सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी एयरक्राफ्ट को ईरान की ओर से निशाना बनाया गया था। इस विमान में दो पायलट सवार थे। हमले के बाद एक पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा, जबकि दूसरा लापता हो गया था। इस घटना के बाद अमेरिकी रक्षा तंत्र में हलचल तेज हो गई थी।
सूत्रों के अनुसार, लापता क्रू मेंबर को खोजने के लिए अमेरिका ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज की टीम ईरान की सीमा में दाखिल हुई, उन पर भारी गोलीबारी की गई। बावजूद इसके, टीम ने साहस दिखाते हुए क्रू मेंबर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बचाया गया अधिकारी अमेरिकी एयरफोर्स का वेपन सिस्टम्स ऑफिसर बताया जा रहा है।
इस ऑपरेशन के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने सेना की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी सर्च एंड रेस्क्यू अभियानों में से एक है। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले एक और पायलट को सुरक्षित बचाया गया था, लेकिन दूसरे ऑपरेशन को खतरे में न डालने के लिए इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।
ट्रंप ने कहा कि दोनों पायलट दुश्मन के इलाके में फंसे हुए थे, लेकिन अमेरिकी सेना ने लगातार निगरानी रखते हुए उन्हें सुरक्षित निकालने की योजना बनाई और सफलतापूर्वक अंजाम दिया। उन्होंने इस मिशन को सैन्य इतिहास की एक अनोखी उपलब्धि बताया। राष्ट्रपति के मुताबिक, इस पूरे अभियान में कई अत्याधुनिक हथियारों से लैस विमान तैनात किए गए थे। खास बात यह रही कि इतने जोखिम भरे ऑपरेशन के बावजूद किसी भी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने की खबर नहीं है।