तेल अवीव। इस्राइल और फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास के बीच पिछले चार दिनों से युद्ध जारी है। इस्राइली सेना गाजा में लगातार हवाई हमले कर रही है, जिसमें अब तक 900 से अधिक फलस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस्राइल पर हमास के हमले में 1000 से अधिक लोगों की जानें गईं।
दूसरी ओर हमास व दूसरे इस्लामी चरमपंथी समूहों ने 150 से अधिक इस्राइली और विदेशी नागरिकों को बंधक बनाने का दावा किया है। इनमें इस्राइली सैनिक भी शामिल हैं। इस्राइली सेना ने 50 परिवारों को उनके कम से कम एक सदस्यों के बंधक बनाए जाने की सूचना दी है।
इस बीच, रामल्ला में हमास के राजनीतिक ब्यूरो के प्रमुख इस्माइल हनीयेह ने धमकी दी कहा है कि युद्ध के खत्म होने तक बंदियों की अदला-बदली नहीं की जाएगी। हनीयेह ने कहा कि मध्यस्था और बंदियों की रिहाई को लेकर समूह से संपर्क करने वाले पक्षों को यह बता दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हनीयेह ने फलस्तीनी उद्देश्य के लिए जान देने को तत्पर गाजा के लोगों की सराहना की और यह भी कहा कि इस्राइल की तरफ से बदले की कार्रवाई उसकी शर्मनाक हार की हताशा को दर्शाती है। हमास ने इस्राइल के तटवर्ती शहर अश्कलोन पर रॉकेट से हमला करने की धमकी भी दी है।
हमास के दो शीर्ष नेता मार गिराए
वहीं, इस्राइली वायुसेना ने कहा कि उसने हमास के दो शीर्ष नेताओं को मार गिराया है। इनमें एक गाजा में हमास प्रशासन के वित्त मंत्री जवाद अबू शमाला और राजनीतिक ब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य जकारिया अबू मामेर शामिल है। शमाला हमास के लिए धन एकत्र करने के साथ गाजा पट्टी के अंदर और बाहर आतंकी हमले कराता था जबकि मामेर गाजा पट्टी से संबंधित फैसले लेने के लिए जिम्मेदार था।