मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर बड़ा संकट मंडराने लगा है। खाड़ी क्षेत्र में हालात इतने बिगड़ गए हैं कि दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक, Strait of Hormuz लगभग ठप होने की कगार पर पहुंच गया है। इस रास्ते से दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल का व्यापार होता है, ऐसे में इसके प्रभावित होने से ग्लोबल बाजार में हड़कंप मच गया है।
बताया जा रहा है कि Iran की ओर से लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों, साथ ही समुद्र में माइंस बिछाने जैसी गतिविधियों के कारण तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। हालात यह हैं कि इस रूट पर शिपिंग मूवमेंट में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए दुनिया के 22 देशों ने एकजुट होकर कड़ा रुख अपनाया है। Germany, Japan, Australia, United Kingdom और France समेत कई देशों ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान से तुरंत हमले रोकने और होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की अपील की है।
संयुक्त बयान में इन देशों ने कहा है कि कमर्शियल जहाजों और सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। साथ ही ईरान से अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने और समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाने की मांग की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द हालात नहीं सुधरे तो तेल और गैस की सप्लाई में और बड़ी बाधा आ सकती है, जिसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।