नई दिल्ली। पाकिस्तान में आज (शुक्रवार) अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता से पहले तनावपूर्ण बयानबाज़ी तेज हो गई है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई ने अमेरिका और इज़रायल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि देश पर हमला हुआ तो उसका जवाब सख्ती से दिया जाएगा।
यह बयान उस समय आया है जब हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्तों के युद्धविराम (सीजफायर) का ऐलान किया था। इसके बाद खामेनेई की यह पहली प्रतिक्रिया है। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता था, लेकिन अब अपने अधिकारों से पीछे हटने का सवाल ही नहीं है।
जंग पर ईरान की प्रतिक्रिया
खामेनेई ने कहा, “ईरान एक बड़ी शक्ति बनने के करीब है और इस संघर्ष में हमने निर्णायक बढ़त हासिल की है। हमारे देश पर हमला करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। हम हर नुकसान का मुआवजा और अपने शहीदों के खून का हिसाब लेंगे।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के प्रबंधन को लेकर ईरान नई रणनीति अपना सकता है।
इस्लामाबाद में शांति वार्ता
युद्धविराम को स्थायी रूप देने के प्रयास के तहत दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल आज इस्लामाबाद में आमने-सामने बातचीत करेंगे। हालांकि, वार्ता से पहले ही माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
ईरानी राष्ट्रपति की चिंता
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने आरोप लगाया कि इज़रायल द्वारा लेबनान में किए जा रहे हमले युद्धविराम का उल्लंघन हैं।
उन्होंने कहा, “ऐसी कार्रवाई धोखे और नियमों की अनदेखी को दर्शाती है, जिससे बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाता। हमारी उंगलियां ट्रिगर पर बनी रहेंगी। हम अपने लेबनानी भाइयों को अकेला नहीं छोड़ेंगे।”
रिपोर्ट के अनुसार, हालिया हमलों में 200 से अधिक लोगों की मौत हुई है और 1000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इन घटनाओं से प्रस्तावित शांति वार्ता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।