नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग अब खत्म होने की कगार पर नजर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा एलान करते हुए कहा है कि आने वाले 2 से 3 हफ्तों के भीतर अमेरिका ईरान पर अपने हमले रोक सकता है।
व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने संकेत दिए कि वॉशिंगटन अब इस जंग में ज्यादा समय तक नहीं रहना चाहता। उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई और कूटनीति—दोनों के जरिए अमेरिका जल्द ही इस संघर्ष से बाहर निकलने की रणनीति पर काम कर रहा है। हालांकि, ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि जंग का अंत किस तरह होगा।
ट्रंप ने यह भी कहा कि इस युद्ध को खत्म करने के लिए जरूरी नहीं कि ईरान किसी औपचारिक समझौते पर सहमत हो। उन्होंने दावा किया कि तेहरान खुद समझौता करना चाहता है और बातचीत जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंच सकती है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के बदले हुए नेतृत्व को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए। उनके मुताबिक, मौजूदा वार्ताकार पहले की सरकारों से अलग और ज्यादा व्यावहारिक हैं। उन्होंने कहा, “अब हमारे पास ऐसे लोग हैं जो ज्यादा समझदार हैं और बातचीत को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकते हैं।”
हालांकि, ट्रंप का यह रुख उनके पिछले बयानों से अलग माना जा रहा है। जहां पहले वे सख्त रुख अपनाते नजर आए थे, वहीं अब वे कूटनीतिक समाधान की बात कर रहे हैं।
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के दावों को खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि वॉशिंगटन के साथ किसी भी तरह के समझौते की संभावना नहीं है। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच भरोसा पूरी तरह खत्म हो चुका है।
अराघची ने अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले भी समझौते हुए, लेकिन अमेरिका पीछे हट गया। हालिया वार्ताओं के बाद भी हमले हुए, जिससे तेहरान को अमेरिकी नीयत पर शक है।
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले एक महीने से ज्यादा समय से तनाव और हमले जारी हैं। इस संघर्ष ने पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ा दी है और वैश्विक स्तर पर भी इसके असर देखने को मिल रहे हैं।