आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 23 आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में इन सभी नामों को UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि ये सभी भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों, घुसपैठ, भर्ती, फंडिंग और आतंकी साजिशों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
गृह मंत्रालय के मुताबिक, घोषित आतंकियों में कई ऐसे नाम शामिल हैं जो पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में छिपकर भारत के खिलाफ गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर के मूल निवासी भी शामिल हैं। नए नाम जुड़ने के बाद देश में UAPA के तहत घोषित आतंकियों की संख्या अब बढ़कर 80 हो गई है।
सरकार के अनुसार, सूची में शामिल आतंकियों पर सीमा पार से घुसपैठ कराने, ड्रोन के जरिए हथियार भेजने, युवाओं की भर्ती कराने, आतंकी हमलों की साजिश रचने और लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराने जैसे गंभीर आरोप हैं। कई आतंकी लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) और अन्य प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े बताए गए हैं।
गृह मंत्रालय ने बताया कि सूची में शामिल कुछ आतंकी हाफिज मुहम्मद सईद के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। इनमें अब्दुल रऊफ, हाफिज खालिद वलीद और राणा इफ्तिखार के नाम प्रमुख हैं। मंत्रालय के मुताबिक ये लोग आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग, नेटवर्किंग और समन्वय का काम करते रहे हैं।
सूची में जैश-ए-मोहम्मद के वरिष्ठ कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी का नाम भी शामिल है, जिस पर आतंकियों की भर्ती और ट्रेनिंग कराने का आरोप है। वहीं मुफ्ती मोहम्मद असगर खान को 2016 के नगरोटा आतंकी हमले का कथित मास्टरमाइंड बताया गया है। इसके अलावा कई आतंकियों पर ड्रोन के जरिए हथियार सप्लाई, लॉन्चिंग कमांडर की भूमिका निभाने और विदेशी आतंकियों की घुसपैठ कराने के आरोप लगाए गए हैं।
गृह मंत्रालय के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कई आतंकी लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय थे और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में थे। इनमें कुछ नाम ऐसे भी हैं, जिनका संबंध अल-कायदा और ISIS से जुड़े मॉड्यूल से होने का दावा किया गया है।
सरकार का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है। मंत्रालय ने साफ किया है कि देश की सुरक्षा के खिलाफ काम करने वाले किसी भी आतंकी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे तत्वों पर लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।