ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। दुनिया भर से बड़ी संख्या में लोगों और प्रतिनिधिमंडलों के ईरान पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, उनके बेटे और मौजूदा सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के जनाजे में शामिल होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत स्थित प्रतिनिधि आयतुल्ला हकीम इलाही ने बताया कि सुरक्षा कारणों से मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकते। उनके मुताबिक, हाल के महीनों में मिली धमकियों और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट को देखते हुए यह फैसला लिया जा रहा है।
हमलों के बाद सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे मोजतबा
मोजतबा खामेनेई को उनके पिता की मौत के बाद ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया था। हालांकि, 28 फरवरी को हुए अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद से वह सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उस हमले में मोजतबा घायल हुए थे और उनके चेहरे तथा पैर में चोटें आई थीं। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने बाद में कहा था कि उनकी हालत स्थिर है और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं।
इजरायल की धमकियों का भी असर
सूत्रों के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा को लेकर ईरान विशेष सतर्कता बरत रहा है। हाल के दिनों में इजरायल की ओर से लगातार बयानबाजी हुई है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी मोजतबा को लेकर तीखे बयान दिए थे, जिसके बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराई थी। इसी वजह से ईरान सरकार सार्वजनिक आयोजनों में उनकी मौजूदगी को लेकर बेहद सतर्क रुख अपना रही है।
कई शहरों में होंगे अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई तक विभिन्न शहरों में आयोजित किए जाएंगे। 4 और 5 जुलाई को उनका पार्थिव शरीर तेहरान स्थित ग्रैंड मोसाला कॉम्प्लेक्स में आम लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 6 जुलाई को राजधानी तेहरान में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इस दिन तेहरान प्रांत में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। अंतिम रूप से 9 जुलाई को उन्हें उनके जन्मस्थान मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
भारत की ओर से जाएगा प्रतिनिधिमंडल
ईरान की ओर से भारत सरकार को भी अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने का निमंत्रण भेजा गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत निमंत्रण मिला था, लेकिन पूर्व निर्धारित विदेश दौरे के कारण वह इसमें शामिल नहीं हो पाएंगे। भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ईरान जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने उनके दौरे की पुष्टि कर दी है।