अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच बड़ा बयान देते हुए कहा है कि युद्धविराम बेहद नाजुक स्थिति में पहुंच चुका है। ट्रंप ने ईरान की ओर से भेजे गए नए प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया और संकेत दिए कि मिडिल ईस्ट में संघर्ष फिर तेज हो सकता है।
ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर फिलहाल “लाइफ सपोर्ट सिस्टम” पर टिका हुआ है। उन्होंने दावा किया कि तेहरान इस समय बेहद कमजोर स्थिति में है और जो प्रस्ताव अमेरिका को भेजा गया, वह पूरी तरह अस्वीकार्य है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने उस प्रस्ताव को गंभीरता से लेने लायक भी नहीं समझा।
ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने कहा कि अगर युद्धविराम के दौरान ईरान ने कोई सैन्य या परमाणु निर्माण किया है, तो अमेरिका उसे बहुत कम समय में तबाह करने की क्षमता रखता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी सैन्य रणनीति और नाकाबंदी की तारीफ करते हुए कहा कि अमेरिका के पास पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हथियार और गोला-बारूद मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की कार्रवाई केवल अपनी सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के हित में है।
ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और जो बाइडेन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें ईरान के प्रति नरम रुख अपनाती थीं, लेकिन मौजूदा प्रशासन किसी भी “कमजोर” समझौते को स्वीकार नहीं करेगा।
वहीं दूसरी ओर ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा है कि अमेरिका के पास ईरान के 14 सूत्रीय प्रस्ताव को मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि बातचीत में देरी का आर्थिक बोझ अमेरिकी नागरिकों पर पड़ेगा।