
न्यूज़ जर्नलिस्ट अंकित कुमार गोयल
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में करीब 37 वर्षों तक सेवा देने के बाद पवन कुमार शर्मा अब स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े विषयों पर लोगों के साथ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन में खानपान, दिनचर्या और प्राकृतिक जीवनशैली से जुड़ी जानकारियों के प्रति उनकी रुचि बढ़ी। इसके बाद उन्होंने इस विषय पर उपलब्ध सामग्री का अध्ययन किया और अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव किए। अब वह अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर लोगों को संतुलित दिनचर्या, खानपान और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश देते हैं। उनसे बातचीत के प्रमुख अंश।
CISF में लंबे समय तक सेवा देने के बाद स्वास्थ्य और जीवनशैली के विषय में आपकी रुचि कैसे विकसित हुई?
वर्ष 2020 में लॉकडाउन के दौरान मुझे खानपान और प्राकृतिक जीवनशैली से संबंधित विषयों को समझने का अवसर मिला। मैंने इस विषय पर यूट्यूब सहित विभिन्न माध्यमों से उपलब्ध जानकारियाँ देखीं और अपनी दिनचर्या पर ध्यान देना शुरू किया। धीरे-धीरे मेरी रुचि इस बात को समझने में बढ़ी कि रोजमर्रा की आदतें हमारे स्वास्थ्य को किस तरह प्रभावित कर सकती हैं।

क्या जीवनशैली में बदलाव का असर आपने अपने जीवन में भी महसूस किया?
अपने व्यक्तिगत अनुभव में मैंने कुछ बदलाव महसूस किए। कब्ज और वजन से जुड़ी परेशानियों के संदर्भ में मुझे कुछ सुधार महसूस हुआ। हालांकि, यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव है। हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें अलग होती हैं, इसलिए एक व्यक्ति का अनुभव सभी के लिए समान परिणाम की गारंटी नहीं हो सकता।
परिवार में स्वास्थ्य संबंधी अनुभवों ने आपकी सोच को किस तरह प्रभावित किया?
परिवार में स्वास्थ्य से जुड़ी परिस्थितियों को करीब से देखने के कारण मेरी रुचि इस विषय में और बढ़ी। मेरी पत्नी को अस्थमा और थायरॉइड से संबंधित समस्याएँ रही हैं। इन अनुभवों ने मुझे स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और उचित जानकारी के महत्व को समझने के लिए प्रेरित किया।
व्यक्तिगत अनुभवों से आगे बढ़कर आपने स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में काम करना कब शुरू किया?
वर्ष 2020 में मैंने Natural Life Style Trust के चार दिवसीय आवासीय शिविर, जिसका नाम “ Be Your Own Doctor ” बताया गया, में भाग लिया। इस दौरान मुझे प्राकृतिक जीवनशैली और खानपान से जुड़े विषयों को समझने का अवसर मिला। इसके बाद मैंने लोगों के साथ सामान्य जानकारियाँ और अपने अनुभव साझा करना शुरू किया। मेरा उद्देश्य लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है, न कि किसी बीमारी के इलाज करने की दवा देना ।

आज की जीवनशैली और खानपान में लोग किन बातों पर ध्यान दें?
लोगों को अपने खानपान, भोजन की मात्रा, दिनचर्या, शारीरिक सक्रियता और पर्याप्त आराम पर ध्यान देना चाहिए। हर व्यक्ति की उम्र, शारीरिक स्थिति और जरूरतें अलग होती हैं, इसलिए सभी के लिए एक ही तरीका उपयुक्त नहीं हो सकता।
जब लोग स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन के लिए आपसे संपर्क करते हैं, तो आप उन्हें किस तरह जानकारी देते हैं?
मैं अपने व्यक्तिगत अनुभवों और इस विषय पर पढ़ी-समझी जानकारियों के आधार पर सामान्य बातें साझा करता हूँ। मैं लोगों को यह समझाने का प्रयास करता हूँ कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना जरूरी है ।
क्या आप इस विषय पर देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों में रहने वाले लोगों से भी जुड़ते हैं?
फोन और ऑनलाइन माध्यमों से लोगों से बातचीत होती है। इस तरह स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े विषयों पर सामान्य जानकारी साझा करने का अवसर मिलता है। मेरी कोशिश रहती है कि लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें और किसी भी जानकारी को अपनाने से पहले उसकी विश्वसनीयता तथा अपनी परिस्थितियों को समझें।

CISF में वर्षों की अनुशासित सेवा के बाद इस नई पहल को आप किस रूप में देखते हैं?
सेवा के दौरान अनुशासन, जिम्मेदारी और निरंतरता का महत्व समझने का अवसर मिला। अब मैं इन्हीं मूल्यों को अपने जीवन के इस नए प्रयास में अपनाना चाहता हूँ। मेरी इच्छा है कि लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनें, अपनी दिनचर्या पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर सही विशेषज्ञ से सलाह लें। मेरा प्रयास अपने अनुभव साझा करने और लोगों को जागरूक बनाने तक सीमित है।
सेवा से समाज के लिए नई पहल तक
पवन कुमार शर्मा का यह सफर सरकारी सेवा से स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में आगे बढ़ने का उनका व्यक्तिगत अनुभव है। वह खानपान, दिनचर्या और जीवनशैली के महत्व पर लोगों का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। उनके अनुभवों के साथ यह समझना भी जरूरी है कि स्वास्थ्य संबंधी निर्णय व्यक्ति की स्थिति और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर ही लिए जाने चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस साक्षात्कार में व्यक्त विचार और अनुभव संबंधित व्यक्ति के अपने हैं। यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की जा रही है। इसे चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प न समझें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में योग्य चिकित्सक से परामर्श लें। डॉक्टर की सलाह के बिना निर्धारित दवाएँ बंद न करें या उनमें बदलाव न करें।