पटना: बिहार की सियासत में आज का दिन बेहद ऐतिहासिक रहा। राजधानी पटना के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का भव्य विस्तार संपन्न हुआ। इस मेगा शो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी ने साफ कर दिया कि दिल्ली की नजरें बिहार पर टिकी हैं। 15 अप्रैल को अकेले शपथ लेने वाले सीएम सम्राट चौधरी के पास अब 32 मंत्रियों की ‘सेना’ तैयार है, जो मिशन बिहार को रफ्तार देगी।
निशांत कुमार: सॉफ्टवेयर इंजीनियर से ‘मंत्री’ तक का सफर
इस शपथ ग्रहण समारोह में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला और चर्चित नाम रहा निशांत कुमार का। बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार के इकलौते बेटे निशांत कुमार ने जेडीयू कोटे से मंत्री पद की शपथ लेकर सबको हैरान कर दिया। आध्यात्मिक झुकाव रखने वाले और पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर रहे निशांत को पार्टी नेताओं ने कड़ी मशक्कत के बाद राजनीति के लिए मनाया। खुद नीतीश कुमार ने उनके नाम पर मुहर लगाई, जिसके बाद आज उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में नई पारी की शुरुआत की।
बीजेपी का ‘सोशल इंजीनियरिंग’ फॉर्मूला
बीजेपी ने अपने 15 मंत्रियों के जरिए जातिगत समीकरणों को साधने की पुरजोर कोशिश की है:
दिग्गज चेहरे: लखीसराय से विधायक और पूर्व विधानसभा स्पीकर विजय कुमार सिन्हा और सीमांचल के कद्दावर नेता दिलीप जायसवाल ने शपथ ली।
अनुभव का तड़का: पूर्व केंद्रीय मंत्री राम कृपाल यादव, 5 बार के विधायक नीतीश मिश्रा और संगठन के पुराने खिलाड़ी मिथिलेश तिवारी को टीम में जगह मिली है।
महिला और युवा जोश: इंटरनेशनल शूटर और पूर्व खेल मंत्री श्रेयसी सिंह के साथ-साथ मुजफ्फरपुर की रमा निषाद ने भी मंत्री पद की शपथ ली। वहीं दलित चेहरों में लखेंद्र पासवान और नंदकिशोर राम पर भरोसा जताया गया है।
अन्य नाम: केदार गुप्ता, प्रमोद चंद्रवंशी, संजय टाइगर, कुमार शैलेंद्र, रामचंद्र प्रसाद और अरुण शंकर प्रसाद भी सम्राट कैबिनेट का हिस्सा बने हैं।
जेडीयू का पुराना भरोसा और नए चेहरे
जेडीयू ने अपने कोटे से 13 मंत्रियों को मैदान में उतारा है, जिसमें अनुभव को प्राथमिकता दी गई है:
नीतीश के करीबी: नालंदा के दिग्गज श्रवण कुमार (9वीं बार विधायक) और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी फिर से मंत्री बने हैं।
अति पिछड़ा और अल्पसंख्यक: सीमावर्ती इलाकों से आने वाली शीला मंडल, बाहुबली छवि वाले बूटन सिंह की पत्नी लेसी सिंह और इकलौते मुस्लिम मंत्री जमा खां ने शपथ ली।
नए और शिक्षित चेहरे: पूर्व आईपीएस और पूर्व शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, डॉक्टर से नेता बनीं शिवहर की पहली महिला विधायक श्वेता गुप्ता ने भी पद की गोपनीयता की शपथ ली।
सामाजिक संतुलन: मदन सहनी, रत्नेश सदा, बुलो मंडल, भगवान सिंह कुशवाहा और दामोदर रावत को भी कैबिनेट में शामिल किया गया है।
सहयोगी दलों को भी मिला सम्मान
चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) से संजय पासवान और तेजप्रताप यादव को हराने वाले संजय सिंह मंत्री बने हैं। वहीं HAM से जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन और RLM से उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश ने मंत्री पद की शपथ लेकर सरकार में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
बड़ा सवाल: क्या सम्राट चौधरी की यह नई टीम 2025 के सियासी दंगल में एनडीए की नैया पार लगा पाएगी? फिलहाल, गांधी मैदान से शुरू हुआ यह ‘सम्राट युग’ बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ चुका है।