CBSE द्वारा कक्षा 12वीं के परिणाम जारी होने के बाद से मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब बोर्ड ने खुद स्वीकार किया है कि कुछ छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और कॉपी साझा करने में गड़बड़ी हुई है। इस मामले ने छात्रों और अभिभावकों के बीच परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब वेदांत नाम के एक छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि बोर्ड द्वारा उसे दिखाई गई फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका उसकी नहीं है। छात्र ने 23 मई को कई पोस्ट साझा करते हुए बताया कि मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी मिलने के बाद उसे पता चला कि वह किसी अन्य छात्र की कॉपी थी। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर मामला तेजी से वायरल हो गया।शुरुआत में वेदांत को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, लेकिन बाद में सीबीएसई की जांच में छात्र का दावा सही पाया गया। बोर्ड ने माना कि फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका गलत तरीके से साझा की गई थी और अंकन प्रक्रिया में त्रुटि हुई है।
मामला बढ़ने के बाद सीबीएसई ने वेदांत के परिवार से संपर्क कर गलती सुधारने का आश्वासन दिया। बोर्ड ने कहा कि छात्र की सही उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराई जाएगी और उसके अनुसार रिजल्ट को अपडेट किया जाएगा। बोर्ड के संयुक्त सचिव ने भी पत्र लिखकर सही कॉपी भेजने और संशोधित अंकों के आधार पर परिणाम अपडेट करने की पुष्टि की है। इसी तरह का एक और मामला केमिस्ट्री की उत्तर पुस्तिका को लेकर भी सामने आया है। एक अन्य छात्र ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उसकी शिकायत को भी बोर्ड ने सही माना है। छात्र ने उन लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने इस मुद्दे को उठाने में मदद की।
इससे पहले भी ऑन-स्क्रीन मार्किंग में गड़बड़ी और धुंधली उत्तर पुस्तिकाओं की शिकायतें सामने आ चुकी थीं, लेकिन अब कॉपियों के मिसमैच होने की घटनाओं ने विवाद को और गंभीर बना दिया है। फिलहाल छात्र और अभिभावक बोर्ड की अगली कार्रवाई और संशोधित परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।