लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सोमवार को लोकभवन प्रांगण में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व प्रधानमंत्री की स्मृतियों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि अटल जी भारत की राजनीति के अजातशत्रु थे। उन्होंने भारत की राजनीतिक अस्थिरता को उभारने के साथ देश के अंदर राजनीति में शुचिता और पारदर्शिता का एक आदर्श प्रतिमान रखा था।
पिछले साढ़े नौ वर्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास, सुरक्षा और सुशासन के जो नये प्रतिमान स्थापित किये हैं, उसकी आधारशिला अटल जी ने अपने शासनकाल में ही रख दी थी।
अटल जी ने समाज और राष्ट्र को दी एक नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा समेत अन्य सरकारें अटल जी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मना रही हैं। उनका स्मरण करते हुए उनके मूल्यों और आदर्शों के प्रति पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प भी ले रही हैं। यह वर्ष अटल जी की जन्मशताब्दी वर्ष की शुरुआत भी है।
सभी जानते हैं कि 25 दिसंबर 1924 को मप्र के ग्वालियर में उनका जन्म हुआ था, लेकिन उन्होंने कर्म भूमि के रूप में उप्र को चुनने के साथ ही यहां पर शिक्षा भी ग्रहण की। वहीं आगरा के बटेश्वर को उनकी पैतृक भूमि के रूप में जाना जाता है।
अटल जी ने समाज और राष्ट्र को एक नई दिशा दी है। ऐसे में सरकार उनके आदर्शों को अपनाकर काम करेगी। वहीं सरकार साहित्यिक क्षेत्र में अटल जी की स्मृतियों को भी जीवंत बनाये रखने के लिए ग्राम्य पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर तक अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करेगी।
इसके अलावा बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल से लेकर विवि और अन्य एकेडमिक संस्थानों में उनकी साहित्यिक रुचि, पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान के बारे में बताया जाएगा। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, मेयर सुषमा खर्कवाल आदि उपस्थित रहे।