नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सोमवार को एक बार फिर घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने मौके पर चल रहे राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि मामले में अगर किसी अधिकारी की लापरवाही या अनदेखी सामने आती है तो उसके खिलाफ आज ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में हादसे के लिए बिल्डिंग मालिक की कथित लापरवाही को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि इमारत काफी पुरानी थी और बेसमेंट में पानी भरने के कारण पिलर कमजोर होकर गिर गए, जिसके बाद पूरी बिल्डिंग ढह गई। सीएम ने कहा कि इस इमारत के मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आसपास की खतरनाक इमारतों को लेकर भी बड़ा फैसला बताया। सीएम के मुताबिक, हादसे वाली इमारत के पीछे स्थित एक बिल्डिंग को खाली करा लिया गया है और उसे भी जल्द गिराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इलाके में ऐसी अन्य इमारतों की भी जांच की जाएगी, जिनसे लोगों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
पीजी और दूसरी इमारतों के स्ट्रक्चर ऑडिट की तैयारी
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार नगर निगम के साथ मिलकर एक ऐसी नीति तैयार कर रही है, जिसके तहत पीजी, नर्सिंग होम, स्कूल और अन्य सार्वजनिक इस्तेमाल वाली इमारतों की समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट कराना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि जब तक किसी इमारत की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, वहां सार्वजनिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने हादसे में प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से हरसंभव मदद दिए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के साथ हादसा हुआ है, उनके परिवारों के संपर्क में सरकार है और उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक करीब 80 फीसदी मलबा हटाया जा चुका है। मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला गया है, जिनमें छह की मौत हुई है और छह घायल हैं। उन्होंने कहा कि राहत अभियान के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं कोई अन्य व्यक्ति या मजदूर मलबे में तो नहीं फंसा है। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देश भी सरकार को मिल रहे हैं। इस बीच दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी हादसे को लेकर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि अभी किसी मजदूर के मलबे में फंसे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि कुछ लोगों की मौजूदगी की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सिरसा ने कहा कि जिम्मेदारी तय कर कमांड चेन में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आज ही निलंबन की कार्रवाई शुरू होगी और जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाएगा।