नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत ढहने के करीब 17-18 घंटे बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते रेस्क्यू टीमें लगातार तलाश में जुटी हैं। हादसे के बाद नगर निगम (MCD) ने आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के दौरान ढही इमारत से सटी एक अन्य बिल्डिंग को जर्जर और खतरनाक स्थिति में पाया गया। इसके बाद MCD ने बिल्डिंग/घर नंबर 13 को खाली कराने का नोटिस जारी किया है।
नोटिस में संपत्ति को लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए इसे तीन दिनों के भीतर गिराने का आदेश दिया गया है। MCD ने स्पष्ट किया है कि अगर तय समय में आदेश का पालन नहीं किया गया तो निगम खुद इमारत को ध्वस्त कराएगा और कार्रवाई में आने वाला खर्च संबंधित संपत्ति मालिक से वसूला जाएगा।
चार मंजिल से ज्यादा ऊंची अवैध इमारतों पर भी एक्शन
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने चार मंजिल से अधिक ऊंची अवैध इमारतों के खिलाफ भी सख्ती के निर्देश दिए हैं। ऐसी इमारतों को तत्काल सील करने की कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने कहा है कि अवैध निर्माण की अनुमति देने या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। मेयर के मुताबिक, जांच में अगर किसी अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निगम का फोकस अब सिर्फ हादसे वाली इमारत तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास की ऐसी सभी इमारतों की सुरक्षा जांच पर है, जिनसे लोगों को खतरा हो सकता है।
वहीं, घटनास्थल पर बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटा है। आशंका जताई जा रही है कि मलबे में अभी 15 से 20 लोग फंसे हो सकते हैं। रेस्क्यू टीमें सावधानी से मलबे की तलाशी ले रही हैं, ताकि किसी संभावित व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाना और आसपास के इलाके में किसी दूसरे हादसे की आशंका को खत्म करना है।