अकोला शहर में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतार में खड़े रहने के दौरान एक पूर्व सरपंच की अचानक मौत हो गई। इस घटना के बाद गैस वितरण व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, शंकर फपूर्डाजी शिरसाट गैस बुकिंग और केवाईसी प्रक्रिया के लिए यदुराज एचपी गैस एजेंसी पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वे करीब 4 से 5 घंटे तक तेज गर्मी में लाइन में खड़े रहे। दोपहर करीब 1 बजे के आसपास उन्हें चक्कर आया और वे अचानक जमीन पर गिर पड़े।
मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उनकी मदद करने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहीं अन्वी मिर्जापुर गांव में शोक की लहर फैल गई। गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार गांव के श्मशान घाट में किया गया।घटना के बाद गैस एजेंसी की व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। आरोप है कि एजेंसी पर न तो छाया की पर्याप्त व्यवस्था थी और न ही पीने के पानी की सुविधा, जिसके कारण लोगों को घंटों धूप में खड़ा रहना पड़ता है।
इस मामले पर वंचित बहुजन आघाड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता और नगरसेवक पराग गवई ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने संबंधित गैस एजेंसी के खिलाफ सदोष मानव वध का मामला दर्ज करने की मांग की है। साथ ही घर-घर गैस वितरण व्यवस्था लागू करने और एजेंसियों पर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।