नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने त्वरित कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा के बाद अब इस प्रक्रिया को अमल में लाने की तैयारी शुरू हो गई है।
विशेष अदालतों में होगी मामलों की सुनवाई
सरकारी सूत्रों के अनुसार, NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे। इन अदालतों में लंबित मामलों की प्राथमिकता के आधार पर नियमित सुनवाई होगी, ताकि दोषियों के खिलाफ जल्द फैसला सुनाया जा सके। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार इस संबंध में संबंधित राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों से विशेष अदालतों के गठन का अनुरोध करेगी।
नए कानून के तहत चलेगा मुकदमा
पेपर लीक से जुड़े आरोपियों के खिलाफ अब सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस कानून में पेपर लीक, संगठित नकल, सॉल्वर गैंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग और परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की धोखाधड़ी को गंभीर अपराध माना गया है। कानून के तहत दोषी पाए जाने पर कठोर सजा और भारी आर्थिक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यह अधिनियम केवल NEET ही नहीं, बल्कि अन्य सरकारी और सार्वजनिक परीक्षाओं पर भी लागू होता है।
चार राज्यों में विशेष अदालतों का प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक, अब तक दर्ज चार मामलों की सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इनमें दो मामले बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं।
PM मोदी के ऐलान के बाद तेज हुई प्रक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा था कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। उन्होंने इसे छात्रों के हितों की रक्षा की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताया था। सरकार का मानना है कि विशेष अदालतों के गठन से पेपर लीक जैसे मामलों का त्वरित निपटारा होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।