नई दिल्ली: शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित पेपर लीक मामलों को लेकर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच बातचीत की संभावना बनती दिख रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने संगठन के प्रतिनिधियों से संपर्क कर वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से CJP के नेताओं की मुलाकात हो सकती है।
CJP की ओर से दावा किया गया है कि सरकार की पहल के बाद संगठन बातचीत के लिए तैयार है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि सरकार की ओर से वार्ता का प्रस्ताव मिला है और प्रतिनिधिमंडल अपनी प्रमुख मांगों के साथ बैठक में शामिल होगा।
सूत्रों के मुताबिक, संगठन की ओर से आशुतोष रांका और सौरभ दास केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
सौरभ दास ने कहा कि संगठन लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग करता रहा है। उनके मुताबिक, सरकार की ओर से बातचीत की पहल देर से हुई है, लेकिन यदि समाधान की दिशा में सार्थक चर्चा होती है तो संगठन सहयोग के लिए तैयार है।
इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी संकेत दिया है कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में सामने आई खामियों और पेपर लीक जैसे मामलों पर जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम उठाती है या संसद में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा का भरोसा मिलता है, तो वह अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे। उन्होंने पहले ही अपनी तीन प्रमुख शर्तें सार्वजनिक कर दी हैं।
उधर, CJP की ओर से प्रस्तावित संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। इससे पहले प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोकने के दौरान हल्का बल प्रयोग भी किया गया था। फिलहाल प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को सतर्क रखा गया है।