सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने सोमवार को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान National Testing Agency (NTA) पर सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि पहले भी पेपर लीक मामलों में दखल देने के बावजूद NTA ने कोई सबक नहीं लिया है। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र सरकार और NTA को नोटिस जारी करते हुए कई याचिकाओं पर जवाब मांगा है। इनमें ‘यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट’ (UDF) की याचिका भी शामिल है, जिसमें NTA को भंग करने और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की निगरानी में NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा कराने की मांग की गई है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने NTA को एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। इसमें उस मॉनिटरिंग कमेटी की स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है, जिसका गठन पहले कोर्ट के निर्देश पर किया गया था। साथ ही अदालत ने के. राधाकृष्णन को निगरानी समिति का चेयरमैन नियुक्त करने का निर्देश भी दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 मई को तय की है।
इधर, NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही Central Bureau of Investigation (CBI) ने सोमवार को आरोपी मनीषा संजय हवलदार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। अदालत ने आरोपी को छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। CBI ने कोर्ट को बताया कि मनीषा NTA के पैनल में फिजिक्स ट्रांसलेटर के तौर पर शामिल थी। हालांकि आरोपी के वकील ने रिमांड की मांग का विरोध किया। अदालत ने मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। बता दें कि NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद NTA ने 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की।