कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। राज्य के कई हिस्सों में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है। अलग-अलग जिलों से तोड़फोड़, आगजनी और झड़पों की खबरें लगातार आ रही हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 4 मई के बाद से एक दर्जन से ज्यादा स्थानों पर चुनावी हिंसा दर्ज की गई है। कई इलाकों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यालयों को निशाना बनाया गया है। आसनसोल, हावड़ा, टॉलीगंज, कसबा, बरुईपुर, कमरहाटी और बारानगर समेत कई जगहों पर पार्टी दफ्तरों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। हिंसा को देखते हुए राज्य सरकार ने 10 सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के गठन का ऐलान किया है, जो इन घटनाओं की जांच करेगी।
कार्यकर्ताओं की हत्या से बढ़ा तनाव
पुलिस के अनुसार, कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में विजय जुलूस के दौरान कथित हमले में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की मौत हो गई। वहीं बीरभूम जिले के नानूर में तृणमूल समर्थक अबीर शेख की हत्या की खबर है, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए गए हैं। इन घटनाओं ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्मा दिया है।
संदेशखाली और आसनसोल में हालात तनावपूर्ण
संदेशखाली क्षेत्र में गश्त पर निकली पुलिस और केंद्रीय बलों की टीम पर कथित तौर पर फायरिंग की गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। वहीं आसनसोल के कोर्ट मोड़ इलाके में एक TMC कार्यालय में आग लगने की घटना सामने आई है। आग लगने के कारणों की जांच जारी है।
चुनाव नतीजों के बाद बदली सियासी तस्वीर
West Bengal Assembly Election 2026 के नतीजों में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार राज्य में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। पार्टी ने 200 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है, जबकि TMC का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा। सबसे बड़ा झटका Mamata Banerjee को लगा, जो अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से चुनाव हार गईं। भाजपा के Suvendu Adhikari ने उन्हें कड़े मुकाबले में हराया। बताया जा रहा है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को हो सकता है। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए प्रशासन के सामने शांति बहाल करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।