नई दिल्ली। रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या में भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान राम के जन्मोत्सव को बेहद धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर रामलला का ‘सूर्य तिलक’ किया गया, जिसने पूरे माहौल को दिव्य बना दिया।
दोपहर ठीक 12 बजे, जब भगवान राम के जन्म का शुभ मुहूर्त माना जाता है, तब वैज्ञानिक तकनीक की मदद से सूर्य की किरणें सीधे रामलला के मस्तक पर पड़ीं। मिरर और लेंस के विशेष संयोजन से तैयार इस व्यवस्था के जरिए करीब 4 मिनट तक रामलला के ललाट पर सूर्य तिलक जगमगाता रहा। यह नजारा वहां मौजूद श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आकर्षण का केंद्र बना रहा।
मंदिर परिसर ‘जय श्रीराम’ के नारों से गूंज उठा और हर ओर भक्तिभाव का माहौल देखने को मिला। इस दौरान गर्भगृह में 14 पुजारी मौजूद रहे, जिन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इसके बाद आरती हुई और कुछ समय के लिए रामलला के पट बंद कर दिए गए। अब भगवान को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे।
वहीं, इस भव्य आयोजन का सीधा प्रसारण देशभर में किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने आवास पर बैठकर इस दिव्य दृश्य को देखा और इस पावन क्षण पर खुशी जाहिर करते हुए तालियां बजाईं। रामनवमी के इस अवसर पर अयोध्या एक बार फिर आस्था, परंपरा और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम का साक्षी बनी।