नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. अदालत ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर पैरोल की अवधि बढ़ाने की उनकी मांग खारिज कर दी है. हालांकि, कोर्ट ने राजस्थान सरकार को आसाराम की सेहत का ध्यान रखने और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
आसाराम की ओर से अदालत में पैरोल बढ़ाने की मांग की गई थी. उनके वकील ने बताया कि वह उज्जैन के एक अस्पताल में भर्ती हैं. वकील के मुताबिक, शुक्रवार को सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और अभी उन्हें आगे भी इलाज की जरूरत है. इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल बढ़ाने की अनुमति नहीं दी.
आज शाम 5 बजे तक करना होगा सरेंडर
आसाराम को 6 अक्टूबर को राजस्थान हाईकोर्ट से 20 दिन की पैरोल मिली थी. इसके बाद वह जेल से बाहर आए थे. अब पैरोल की अवधि समाप्त होने के साथ उन्हें मंगलवार शाम 5 बजे तक संबंधित जेल में सरेंडर करना होगा. सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उनकी पैरोल अवधि बढ़ने की उम्मीदों पर फिलहाल विराम लग गया है. वहीं, अदालत के निर्देश के मुताबिक राजस्थान सरकार को उनके इलाज और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का ध्यान रखना होगा.
जोधपुर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हैं आसाराम
आसाराम नाबालिग से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सजा काट रहे हैं. जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. वह जोधपुर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हैं. सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल बढ़ाने से इनकार करते हुए स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए उचित इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. ऐसे में अब उनकी जेल वापसी और आगे के उपचार पर नजर रहेगी.