महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण स्थित दुर्गाडी किले में बकरीद के मौके पर तनाव की स्थिति देखने को मिली। किले परिसर में स्थित दुर्गा देवी मंदिर में हिंदू श्रद्धालुओं के प्रवेश पर करीब 30 मिनट के लिए अस्थायी रोक लगाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया।
हनुमान चालीसा पाठ कर जताया विरोध
मंदिर में प्रवेश रोकने के फैसले का हिंदू संगठनों, शिवसेना शिंदे गुट, बीजेपी और शिवसेना उद्धव गुट के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया और मंदिर में प्रवेश की अनुमति देने की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से ही इलाके में तैनात था और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
नमाज के दौरान लगाई गई थी अस्थायी रोक
दुर्गाडी किला एक ऐतिहासिक स्थल है, जहां दुर्गा देवी मंदिर और ईदगाह दोनों मौजूद हैं। हर साल बकरीद के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग सामूहिक नमाज अदा करने पहुंचते हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ नियंत्रण के उद्देश्य से नमाज के दौरान सीमित समय के लिए मंदिर की ओर आने-जाने पर रोक लगाई गई थी। अधिकारियों के मुताबिक यह व्यवस्था पूरी तरह अस्थायी थी और किसी भी समुदाय को निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं की गई थी।
पहले भी हो चुका है विवाद
दुर्गाडी किले को लेकर पिछले कई वर्षों से विवाद चलता आ रहा है। दिसंबर 2024 में कल्याण सिविल कोर्ट ने अपने फैसले में दुर्गाडी किले को महाराष्ट्र सरकार की संपत्ति बताया था और मुस्लिम ट्रस्ट के स्वामित्व दावे को खारिज कर दिया था। इसके बावजूद धार्मिक गतिविधियों को लेकर समय-समय पर तनाव की स्थिति बनती रही है। फिलहाल प्रशासन ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।