मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। 12 अप्रैल 2026 को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी युद्धपोतों के साथ हुए टकराव को लेकर ईरान ने 60 सेकंड का वीडियो फुटेज जारी किया है। इस वीडियो में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी के कमांडर अमेरिकी डिस्ट्रॉयर को चेतावनी देते नजर आ रहे हैं कि वह तुरंत अपना रास्ता बदलकर हिंद महासागर की ओर लौट जाए, अन्यथा उसे निशाना बनाया जाएगा।
वीडियो में IRGC कमांडर बार-बार “यह अंतिम चेतावनी है” कहते हुए सुनाई दे रहे हैं। ईरान की ओर से साफ तौर पर कहा गया है कि आदेश की अनदेखी करने पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ओमान सागर में मौजूद सभी जहाजों को चेतावनी दी गई है कि वे किसी भी युद्धपोत से कम से कम 10 मील की दूरी बनाए रखें, वरना बिना सूचना के कार्रवाई हो सकती है।
यह वीडियो ईरानी दूतावासों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से साझा किया गया है। इसमें अमेरिकी युद्धपोत को IRGC नेवी स्टेशन के पास बताया गया है। ईरान का कहना है कि वह होर्मुज क्षेत्र पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।
वीडियो जारी होने से करीब दो घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज में किसी भी जहाज की आवाजाही को नियंत्रित करेगी। उन्होंने ईरान द्वारा जहाजों से टोल वसूली को अनुचित बताते हुए कहा कि अमेरिका सही समय पर जवाब देने के लिए तैयार है।
अमेरिका का दावा है कि उसके दो युद्धपोत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में विस्फोटक सुरंगों को हटाने के मिशन पर थे। वहीं ईरान ने इसे अपने क्षेत्रीय अधिकार का उल्लंघन बताते हुए अमेरिकी जहाजों को अनधिकृत घुसपैठिया करार दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से हर दिन लाखों बैरल कच्चा तेल गुजरता है। ईरान पहले भी इस मार्ग को बंद करने की चेतावनी दे चुका है। हाल के घटनाक्रम और असफल कूटनीतिक प्रयासों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान ने कुछ जहाजों को शुल्क देकर गुजरने की अनुमति देने की बात कही है, जिसे अमेरिका ने सिरे से खारिज कर दिया है। दोनों देशों के बीच बढ़ती बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां संभावित टकराव की आशंका को और गहरा कर रही हैं।