नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद प्रियंका गांधी और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता संसद परिसर से प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करते हुए पहुंचे और वहां धरने पर बैठ गए। कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
धरने से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र न तो इस मुद्दे की जिम्मेदारी स्वीकार कर रहा है और न ही संसद में इस पर चर्चा कराने को तैयार है।
मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि देश के छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंता जता रहे हैं, जबकि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के लिए रोजगार और अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की चिंताएं केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके भविष्य और अवसरों से भी जुड़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा व्यवस्था पर कुछ प्रभावशाली समूहों का असर बढ़ रहा है, जिससे निष्पक्षता प्रभावित हो रही है।
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य कांग्रेस नेताओं ने विरोध के प्रतीक के रूप में हाथों में सांकेतिक हथकड़ियां भी पहन रखी थीं। इसी दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच बातचीत हुई। पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त करने का अनुरोध किया, जबकि मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई नेताओं, जिनमें सुखजिंदर सिंह रंधावा और चरणजीत सिंह चन्नी शामिल हैं, को पुलिस ने हिरासत में लिया। घटनास्थल पर पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई और हालात पर लगातार नजर रखी गई। कांग्रेस ने कहा कि वह छात्रों से जुड़े मुद्दों और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखेगी।