पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी कलह लगातार बढ़ती जा रही है। पार्टी में नेताओं और जनप्रतिनिधियों के इस्तीफों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। इस बीच TMC के दो और पार्षदों ने अहम पदों से इस्तीफा देकर पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है।
TMC पार्षद सुशांत घोष ने बोरो नंबर-12 के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया, जबकि अरूप चक्रवर्ती ने नगर लेखा समिति के पद से अपना त्यागपत्र सौंप दिया। दोनों नेताओं ने पार्टी नेतृत्व पर नाराजगी जाहिर करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव में हार के बाद वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं और पार्षदों से दूरी बना रहे हैं।
देवोलीना बिश्वास के बाद बढ़ा इस्तीफों का सिलसिला
इससे पहले देवोलीना बिश्वास भी बोरो नंबर-9 के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में कई और पार्षद और पदाधिकारी भी अपने पद छोड़ सकते हैं। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को पार्षदों के साथ बैठक कर संगठन को मजबूत करने और तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन उसके अगले ही दिन नए इस्तीफों ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दीं।
पार्टी नेतृत्व पर खुलकर बरसे पार्षद
इस्तीफे के बाद अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि हार को स्वीकार करने की हिम्मत होनी चाहिए। अगर पार्टी हार मानने को तैयार नहीं है, तो पिछली जीतों का भी कोई महत्व नहीं रह जाएगा। उनके इस बयान को पार्टी नेतृत्व पर सीधा हमला माना जा रहा है।
BJP में जाने की अटकलों से बढ़ी सियासी हलचल
इधर TMC नेताओं के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार समेत TMC के छह विधायक नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी की बैठक में पहुंचे, जिसके बाद राजनीतिक हलचल और बढ़ गई। इस बीच बीजेपी सांसद सौमित्र खान ने दावा किया कि TMC के 50 विधायक और 20 सांसद बीजेपी के संपर्क में हैं और पार्टी में शामिल होने को तैयार हैं। हालांकि, TMC सांसद सौगत रॉय ने इन दावों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया।