पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के दौरान कई इलाकों से हिंसा की खबरें सामने आई हैं। दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु सरकार पर कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया, जिसमें उन्हें चोटें आईं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुभेंदु सरकार को सूचना मिली थी कि एक बूथ पर बूथ जैमिंग हो रही है। जब वे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, तो उन पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। भाजपा उम्मीदवार का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में उन पर हमला किया गया और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई।
एएनआई से बातचीत में शुभेंदु सरकार ने दावा किया कि कुमारगंज क्षेत्र के कई पोलिंग स्टेशनों पर उनके एजेंटों को जबरन हटाया गया। उन्होंने कहा कि जब वे बूथ नंबर-24 पर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे, तो उन पर और उनकी टीम पर हमला किया गया, जिससे इलाके में डर का माहौल बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बल (CAPF) मौके पर मौजूद थे, लेकिन जब हमला हुआ, तब उनके साथ केवल उनका बॉडीगार्ड था। उन्होंने कहा कि टीएमसी घबराहट में इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रही है और दावा किया कि उनकी पार्टी इस क्षेत्र की सीटें जीत रही है।
इसी बीच, आसनसोल दक्षिण से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर भी हमला किए जाने की खबर है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। मुर्शिदाबाद, कूचबिहार, सिलिगुड़ी और मालदा में अलग-अलग घटनाओं में झड़प और बवाल की खबरें आई हैं। मुर्शिदाबाद में एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर की कार पर हमला किया गया, जहां टीएमसी और एजेयूपी कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत हुई।
कूचबिहार के तूफानगंज में मतदान के दौरान भीड़ के उग्र होने पर सीएपीएफ को लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा। वहीं मालदा के हरिश्चंद्रपुर में टीएमसी के दो गुट आपस में भिड़ गए। विवाद बढ़ने पर मंत्री ताजमुल हुसैन के पैतृक गांव में स्थित पार्टी कैंप में तोड़फोड़ की गई। टीएमसी नेता स्वपन अली ने आरोप लगाया कि ताजमुल हुसैन और उनके समर्थक कांग्रेस के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मंत्री और उनके समर्थकों ने पार्टी कैंप पर हमला किया।